बिहपुर ,08 मार्च (आरएनएस)। बिहार के भागलपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। बिहपुर प्रखंड के हरियो पंचायत स्थित कोसी त्रिमुहान घाट पर नहाने गए पांच बच्चे अचानक गहरे पानी में डूबने लगे। इनमें से दो बच्चे तो किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन तीन मासूमों को कोसी नदी की तेज धार अपने साथ बहा ले गई। इस खौफनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और लापता बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पशुचारा लेकर लौटते वक्त नहाने की मस्ती पड़ी भारी
मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा उस वक्त हुआ जब गांव के पांचों बच्चे अपने अभिभावकों के साथ कोसी पार गोविंदपुर से पशुचारा लेकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान गर्मी और थकान मिटाने के लिए उन्होंने नदी में नहाने का फैसला किया। पानी में मस्ती और शरारत करते वक्त दो बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उन्हें मौत के मुंह में जाता देख, बचाने के चक्कर में तीसरा बच्चा भी उसी भंवर की चपेट में आ गया। गनीमत रही कि बाकी दो बच्चे किसी तरह अपनी जान बचाकर नदी से बाहर निकलने में सफल रहे और उन्होंने ही बदहवास होकर ग्रामीणों को इस हादसे की जानकारी दी।
पानी में लापता हुए इन तीन मासूमों की सरगर्मी से तलाश
इस खौफनाक हादसे में जो तीन बच्चे कोसी नदी में लापता हुए हैं, उनकी पहचान हरियो पंचायत के वार्ड नंबर 12 (महेशपुर) निवासी कैप्टन यादव के 13 वर्षीय पुत्र लक्ष्मण कुमार, शंकर शर्मा के 12 वर्षीय पुत्र नयन कुमार और पिंटू यादव के 14 वर्षीय पुत्र युवराज उर्फ प्रीतम कुमार के रूप में हुई है। घटना की खबर इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते नदी किनारे सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। फिलहाल स्थानीय गोताखोर लगातार नदी में छलांग लगाकर बच्चों की तलाश में जुटे हुए हैं, लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
विधायक के निर्देश पर उतरी एसडीआरएफ (स्ष्ठक्रस्न), घाट पर पसरा मातम
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुखिया प्रतिनिधि सच्चिदानंद सिंह और ग्रामीण महेंद्र ऋषिदेव ने तुरंत क्षेत्रीय विधायक इंजीनियर शैलेंद्र को मामले की जानकारी दी। विधायक के निर्देश पर नवगछिया के एसडीओ रोहित कर्दम और अन्य आला अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए हैं। मौके पर बीडीओ सत्यनारायण पंडित और नदी थाना अध्यक्ष केशव चंद्र पूरे दल-बल के साथ कैंप कर रहे हैं। प्रशासन ने बच्चों की तलाश तेज करने के लिए एसडीआरएफ (स्ष्ठक्रस्न) की विशेष टीम को भी मौके पर रवाना कर दिया है। इस दुखद घटना के बाद से पूरे गांव और घाट पर शोक और मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है।
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