एनएसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक राउत के नेतृत्व में 9 से 11 मार्च तक जंतर-मंतर पर देशभर से हजारों ईपीएस-95 पेंशनर जुटे; न्यूनतम मासिक पेंशन ₹7,500, मुफ्त चिकित्सा सुविधा और उच्च पेंशन प्रावधान लागू करने की मांग
*नई दिल्ली, 09 मार्च (आरएनएस)। ईपीएस-95 नेशनल एजीटेशन कमेटी (NAC) के बैनर तले हजारों पेंशनरों ने सोमवार को जंतर-मंतर पर तीन दिवसीय धरना शुरू किया। पेंशनरों की यह देशव्यापी आवाज़ कर्मचारियों की पेंशन योजना-1995 (EPS-95) में लंबे समय से लंबित सुधारों की मांग को लेकर उठाई गई है। इस आंदोलन का नेतृत्व कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक राउत कर रहे हैं, जिनके साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए पेंशनरों के प्रतिनिधि भी मौजूद हैं। धरना स्थल पर कई राज्यों से आए बुजुर्ग पेंशनर बड़ी संख्या में एकत्र हुए। उम्र और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद कई लोग लंबी दूरी तय कर राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे हैं, ताकि पेंशन बढ़ाने, चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और उच्च पेंशन प्रावधानों को लागू करने जैसी प्रमुख मांगों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।प्रदर्शन में शामिल कई पेंशनरों ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान पेंशन योजना में योगदान दिया, इस उम्मीद के साथ कि सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें सम्मानजनक जीवन मिलेगा। लेकिन आज उनमें से कई लोग अपने बुनियादी खर्च पूरे करने में भी कठिनाई का सामना कर रहे हैं। सभा को संबोधित करते हुए अशोक राउत ने कहा कि यह आंदोलन उन सेवानिवृत्त श्रमिकों के अधिकार और सम्मान के लिए है, जो वर्षों से आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम जंतर-मंतर पर केवल निवेदन करने नहीं बल्कि अपने अधिकारों की मांग को मजबूती से रखने आए हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से पेंशनर इस तीन दिवसीय धरने में शामिल हुए हैं ताकि ईपीएस-95 पेंशनरों की समस्याओं को सामने लाया जा सके। तीन दिनों तक चलने वाले इस धरने में देशभर से पेंशनर, यूनियन प्रतिनिधि और कई सार्वजनिक हस्तियां शामिल होंगी। समिति ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई करेगी और सार्थक संवाद शुरू कर देश के लाखों सेवानिवृत्त श्रमिकों को सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

