रायपुर, 10 मार्च (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान राज्य में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर हुए खर्च को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने गृहमंत्री विजय शर्मा से केंद्र सरकार द्वारा मांगी गई 21 हजार 530 करोड़ रुपये की राशि को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। सदन में डॉ. महंत ने बताया कि 25 जून को केंद्र सरकार की ओर से एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें राज्य में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर हुए 21,530 करोड़ रुपये के खर्च का भुगतान केंद्रीय गृह मंत्रालय को करने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के बजट में इस राशि का कहीं उल्लेख नहीं है, ऐसे में यह रकम किस मद से दी जाएगी, यह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने आगे बताया कि 17 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस राशि को माफ करने का आग्रह किया था। इसके जवाब में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भुगतान चार किश्तों में करने का सुझाव दिया है। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी मांग की कि इतनी बड़ी राशि किन-किन मदों में खर्च हुई है, इसका विस्तृत विवरण सदन के सामने रखा जाए। डॉ. महंत ने केंद्र और राज्य के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश में मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और राज्य में डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री थे, तब केंद्र सरकार ने इस तरह राज्य से राशि की मांग नहीं की थी। इस पर जवाब देते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि केंद्र से प्राप्त पत्र पिछली सरकार के कार्यकाल से लेकर अब तक की अवधि से संबंधित है और वर्तमान में इसका अंतिम समायोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र नक्सलवाद को समाप्त करना है और इसके बाद 31 मार्च 2027 तक केंद्रीय सशस्त्र बलों की वापसी की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। गृहमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस राशि के भुगतान को लेकर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री द्वारा लिया जाएगा तथा इससे राज्य की वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
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