दिल्ली, 10 मार्च (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ नए एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगाने और सभी मामलों में एक साथ जमानत देने की मांग की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा और इस तरह की सामान्य राहत नहीं दी जा सकती। सोमवार को इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्या बागची की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान टुटेजा की ओर से अधिवक्ता शोएब आलम ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि अनिल टुटेजा अप्रैल 2024 से जेल में हैं और जब भी किसी एक मामले में उन्हें जमानत मिलने की स्थिति बनती है, जांच एजेंसियां उन्हें दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लेती हैं। अधिवक्ता ने दलील दी कि इस तरह बार-बार गिरफ्तारी किए जाने से उनके मुवक्किल के व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हनन हो रहा है। उन्होंने अदालत से मांग की कि सभी मामलों में एक साथ पूछताछ की अनुमति दी जाए और ट्रायल पूरा होने तक जमानत दी जाए, साथ ही नए मामले दर्ज करने पर भी रोक लगाई जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करने से इंकार करते हुए कहा कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं माना जा सकता। अदालत ने टिप्पणी की कि एक नौकरशाह के रूप में टुटेजा लंबे समय तक सत्ता के करीब रहे हैं और मामला सार्वजनिक धन के निजी हाथों में जाने से जुड़ा है। यदि उन पर आरोप हैं तो उन्हें न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना होगा। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता की दलील भावनात्मक रूप से तो उचित लग सकती है, लेकिन कानूनी रूप से इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि वह सभी वर्तमान और भविष्य के मामलों में एक साथ जमानत देने का आदेश नहीं दे सकती। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह छूट दी कि यदि टुटेजा को गिरफ्तारी का डर है तो वे संबंधित मामले में गिरफ्तारी के बाद नियमित या अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही अदालत ने निर्देश दिया कि यदि वे एक सप्ताह के भीतर जमानत याचिका दाखिल करते हैं, तो हाईकोर्ट को उसे प्राथमिकता के आधार पर दो से चार सप्ताह के भीतर निपटाना होगा। गौरतलब है कि पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा पर आबकारी घोटाला, डीएमएफ, नान घोटाला, कस्टम मिलिंग और कोल घोटाले सहित कई मामलों में जांच चल रही है। हाल ही में उन्हें एक मामले में हाईकोर्ट से जमानत भी मिल चुकी है।
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