नई दिल्ली 11 March, (Rns) : ऑनलाइन गेमिंग और जल्दी मुनाफा कमाने के लालच में एक युवक द्वारा बड़ी रकम गंवाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के झबरेड़ा थाना क्षेत्र के 18 वर्षीय युवक ने ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसकर अपने किसान पिता के 1.77 करोड़ रुपये ठगों को ट्रांसफर कर दिए। शिकायत के आधार पर देहरादून स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई तहरीर में अभिमन्यु ने बताया कि जनवरी 2025 में उसने प्ले स्टोर से स्पोर्ट्स बाजी, प्रोबो और ड्रीम11 जैसी गेमिंग ऐप डाउनलोड कर उनमें पैसे लगाना शुरू किया। जून 2025 में इन ऐप्स के बंद होने के बाद उसे यूट्यूब पर “विन अड्डा” नाम की एक गेमिंग वेबसाइट का विज्ञापन दिखाई दिया। वेबसाइट पर अपनी जानकारी दर्ज करने के बाद उसके व्हाट्सऐप पर विदेशी कोड (+237, +234, +94 आदि) वाले अनजान नंबरों से कई तथाकथित वीआईपी लिंक आने लगे।
ठगों ने उसे कम पैसे लगाकर दोगुना मुनाफा कमाने का झांसा दिया। शुरुआत में मामूली लाभ देकर उसका भरोसा जीत लिया गया। इसके बाद युवक ने अपने और अपने पिता के पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के कुल पांच खातों से यूपीआई के जरिए रकम ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच उसने करीब 1.77 करोड़ रुपये ठगों के खातों में भेज दिए।
जब युवक ने अपनी मूल रकम और मुनाफा वापस मांगा तो जालसाजों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और उल्टे और पैसे जमा कराने का दबाव बनाने लगे। ठगी का अहसास होने पर युवक ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया, हालांकि समय रहते उसकी जान बचा ली गई।
साइबर क्राइम थाने के एएसपी कुश मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। युवक ने जिस मोबाइल फोन से पैसे ट्रांसफर किए थे, उसे भी वह बाद में बेच चुका है।
एसएससी एसटीएफ अजय सिंह के अनुसार, पीड़ित का परिवार किसान है और युवक बीसीए का छात्र है। उसके पिता को दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा मिला था, जिसकी बड़ी रकम इस ठगी में चली गई।

