चंडीगढ़ 11 March, (Rns) | चंडीगढ़ के प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल ने IDFC बैंक से जुड़े 116 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले पर अपना कड़ा रुख स्पष्ट कर दिया है। राज्यपाल ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रशासन की मुस्तैदी से रकम तो वापस मिल गई है, लेकिन यह किसी भी दोषी के लिए ‘क्लीन चिट’ नहीं है। राजभवन में मीडिया से बात करते हुए राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने पूरे रिकॉर्ड की गहन जांच कर ली है। उन्होंने कहा: “अगर सरकारी खजाने से पैसा बाहर गया है, तो निश्चित रूप से किसी न किसी स्तर पर बड़ी चूक या मिलीभगत हुई है। केवल पैसे वापस आ जाना किसी को सजा से बचाने का आधार नहीं बन सकता।”
राज्यपाल ने जानकारी दी कि इस पूरे मामले में लापरवाही और धोखाधड़ी की जिम्मेदारी तय करने के लिए FIR दर्ज करवाई जा चुकी है। उन्होंने प्रशासन के इस कदम को भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति बताया।
दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा
राज्यपाल ने जनता को भरोसा दिलाया कि इस मामले की तह तक जाकर यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर इतनी बड़ी रकम बैंक से बाहर कैसे गई। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मामले के किसी भी तथ्य को छिपाया नहीं जाएगा।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

