चित्रकूट 11 मार्च (आरएनएस)। जिला अस्पताल के शिशु वार्ड में निमोनिया से पीडि़त दो माह की मासूम बच्ची के रक्त की जांच के दौरान निडिल उसकी कलाई के अंदर घुस गई। परिजन ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। हालांकि डाक्टरों ने ऑपरेशन थियेटर में ले जाकर निडिल को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।
सदर तहसील के कंठीपुर गांव निवासी हेमराज ने बताया कि उनकी दो माह की पुत्री प्रतिभा को कई दिनों से बुखार था। हालत में सुधार न होने पर बुधवार सुबह करीब पौने नौ बजे वह उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। शिशु वार्ड में डाक्टर ने बच्ची को देखने के बाद रक्त जांच कराने की सलाह दी। आरोप है कि वार्ड में मौजूद नर्स और कुछ प्रशिक्षुओं ने बच्ची की कलाई से खून लेने के लिए पतली निडिल लगाई। इसी दौरान निडिल कलाई के अंदर चली गई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद स्टाफ घबरा गया और तुरंत निडिल निकालने का प्रयास नहीं किया। सूचना मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. शैलेंद्र कुमार समेत कई डाक्टर मौके पर पहुंचे। करीब 40 मिनट बाद बच्ची को आपरेशन थियेटर में ले जाकर डा. रमेश कुमार ने मामूली प्रक्रिया के जरिए कलाई में फंसी निडिल को सुरक्षित निकाल दिया। सीएमएस ने बताया कि छोटे बच्चों में रक्त जांच के लिए 22 नंबर की पतली निडिल का उपयोग किया जाता है। बच्चा हिलने पर ऐसी स्थिति बन सकती है।
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