एसडीएम-जेई की चुप्पी में छुपा है क्या राज
सुल्तानपुर 12 मार्च (आरएनएस )। नगर में इन दिनों नजूल ज़मीनों पर निर्माण का खेल ज़ोरों पर है। हैरानी की बात यह है कि जिन ज़मीनों पर नियमों के अनुसार नक्शा पास ही नहीं हो सकता वहीं नक्शा जमा कर एसडीएम और जेई की स्वीकृति लेकर धड़ल्ले से निर्माण खड़ा किया जा रहा है।
सूत्रों की पुख्ता मानें तो इस नक्शा पास की कहानी में कागज़़ कम और सौदे ज़्यादा चल रहे हैं। कहा जा रहा है कि मोटा लेन-देन होने के बाद ही ये निर्माण इतने बेख़ौफ़ अंदाज़ में आगे बढ़ रहे हैं। गोपालदास पुल के निकट, यशराज ज्वेलर्स के बगल और रुद्रनगर क्षेत्र में चल रहे कुछ निर्माण खास तौर पर संदेह के घेरे में बताए जा रहे हैं। सवाल यह है कि जब नियम साफ कहते हैं कि नजूल ज़मीन पर नक्शा पास नहीं हो सकता तो फिर ये मंजूरी किस जादुई कलम से मिल गई? इस पूरे मामले में एसडीएम और जेई की रहस्यमयी चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर ऐसा क्या है कि जिम्मेदार अफसर कुछ बोलने को तैयार ही नहीं? लोगों में अब यह चर्चा आम है कि कुछ तो गोलमाल है भाई3 और शायद गोलमाल थोड़ा नहीं अच्छा-खासा है। नगर में अब यह संदेश भी तेजी से फैल रहा है कि अगर जेब में नोटों की गड्डी हो और सही जगह सेटिंग हो जाए तो फिर नियम-कानून किताबों में रह जाते हैं और अवैध निर्माण ज़मीन पर खड़े हो जाते हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इन सवालों का जवाब देता है या फिर चुप्पी ही इस कहानी का सबसे बड़ा सच बनकर सामने आती है।
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