मुंबई/अयोध्या 13 March, (Rns) । देश के विभिन्न हिस्सों में एलपीजी (LPG) आपूर्ति को लेकर उपजी चिंताओं के बीच महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सरकारों ने कड़े कदम उठाए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए नई सुविधाएँ शुरू की जा रही हैं। महाराष्ट्र सरकार ने तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि गैस बुकिंग ऐप्स और मिस्ड कॉल सेवाओं में आ रही तकनीकी खामियों को तुरंत दूर किया जाए। सरकार ने आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निम्नलिखित घोषणाएं की हैं: कंट्रोल रूम की स्थापना: राज्य से लेकर तालुका स्तर तक शीघ्र ही कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे।
शिकायत निवारण : उपभोक्ताओं के लिए WhatsApp सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
सुरक्षा और प्राथमिकता: त्योहारों के मद्देनजर सार्वजनिक संस्थानों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, गैस एजेंसियों और परिवहन वाहनों को पुलिस सुरक्षा देने के निर्देश दिए गए हैं।
अयोध्या : “पैनिक न करें, आपूर्ति पर्याप्त है”
उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में जिलाधिकारी (DM) निखिल टीकाराम फुंडे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि घरेलू सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति में कुछ बाधा आई थी, जिसे बहाल किया जा रहा है।
DM ने जनता से अपील की है कि “घरेलू सिलेंडर सीधे घरों तक पहुँचाए जा रहे हैं। किसी भी प्रकार की ‘पैनिक’ की स्थिति नहीं है। नागरिक अफवाहों पर ध्यान न दें और संयम बरतें।”
दोनों ही राज्यों में प्रशासन स्थानीय प्रतिनिधियों और ग्राम पंचायतों की मदद ले रहा है ताकि आम जनता के बीच किसी भी प्रकार के भ्रम या भय के वातावरण को रोका जा सके।

