लखनऊ,14 मार्च (आरएनएस)। प्रदेश में घरेलू और व्यावसायिक रसोई गैस की कथित किल्लत को लेकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने गहरी चिंता व्यक्त की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में गैस संकट अब केवल असुविधा का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह गंभीर मानवीय संकट का रूप लेता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस की आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है और कालाबाजारी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जबकि प्रशासन प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल दिखाई दे रहा है।प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विशेष पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया है। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम वर्तमान परिस्थितियों के मुकाबले अपर्याप्त साबित हो रहे हैं और धरातल पर शासन के निर्देशों का अपेक्षित प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर कालाबाजारी अपने चरम पर है और आम लोगों को गैस प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।पत्र में उन्होंने विशेष रूप से राजधानी लखनऊ की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की राजधानी और चिकित्सा सेवाओं का प्रमुख केंद्र होने के बावजूद यहां गैस एजेंसियों पर अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। उन्होंने यह भी चिंता व्यक्त की कि गैस संकट का असर चिकित्सा संस्थानों तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में गैस की कमी के कारण मरीजों को दिए जाने वाले भोजन में परिवर्तन करना पड़ा है और रोटियों की संख्या कम कर चावल अधिक परोसे जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि बीमार मरीजों के लिए निर्धारित आहार व्यवस्था से समझौता उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।उन्होंने कहा कि राजधानी की सड़कों पर गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए लगी लंबी कतारें प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं। इसके अतिरिक्त श्रावस्ती, बस्ती और गोरखपुर जैसे जिलों में गैस प्राप्त करने के लिए मची भगदड़ में लोगों के बेहोश होने और मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाती हैं। कानपुर में भी इसी प्रकार की स्थिति देखने को मिल रही है।पत्र में उन्होंने अयोध्या का भी उल्लेख करते हुए कहा कि गैस संकट के कारण राम रसोई और हनुमान जी के प्रसाद वितरण जैसी व्यवस्थाएं प्रभावित होना धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से भी चिंताजनक है। वहीं झांसी में गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक के लापता होने की घटना से यह आशंका भी प्रकट होती है कि संकट की आड़ में आपराधिक तत्व सक्रिय हो गए हैं।पवन भाई गुप्ता ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में इस समस्या के समाधान के लिए कई सुझाव भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान जैसे प्रमुख चिकित्सा संस्थानों को गैस आपूर्ति की अति-अनिवार्य श्रेणी में रखा जाना चाहिए, ताकि मरीजों के पोषण और उपचार में किसी प्रकार की बाधा न आए।इसके साथ ही राजधानी की गैस एजेंसियों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती कर आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की गई है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि संकट की स्थिति में घरेलू गैस की पारदर्शी राशनिंग व्यवस्था लागू की जाए, जिससे कालाबाजारी पर रोक लगे और जरूरतमंद लोगों को गैस उपलब्ध हो सके। इसके अलावा गैस की कालाबाजारी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने कहा कि राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में उत्पन्न इस स्थिति को देखते हुए सरकार को तत्काल प्रभावी और कठोर कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में शीघ्र सुधार नहीं हुआ और कालाबाजारी पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया जनहित में बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

