लखनऊ,14 मार्च (आरएनएस)। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कांशीराम जयंती की पूर्व संध्या पर जारी बयान में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित अन्य दलों पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बहुजन आंदोलन के प्रणेता कांशीराम को आज कई विरोधी दल अपने संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों और चुनावी स्वार्थ के लिए याद कर रहे हैं, जो अवसरवादी राजनीति का नया फैशन बन गया है।मायावती ने कहा कि देश में बहुजन समाज के मसीहा डॉ. भीमराव आंबेडकर के आत्मसम्मान और मानवतावादी विचारों को आगे बढ़ाने का काम कांशीराम ने किया। उन्होंने करोड़ों दलित, शोषित, पीडि़त, उपेक्षित और तिरस्कृत लोगों को संगठित कर उन्हें राजनीतिक शक्ति में बदलने का ऐतिहासिक कार्य किया, ताकि बहुजन समाज चुनावी सफलता के माध्यम से शासन में भागीदारी हासिल कर सके।उन्होंने कहा कि यदि संविधान के समतामूलक और कल्याणकारी उद्देश्यों को सही नीयत और नीति के साथ लागू किया गया होता तो कांशीराम को बहुजन समाज पार्टी की स्थापना करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। साथ ही देश में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विषमताओं के साथ-साथ गरीबी, बेरोजगारी और पिछड़ेपन का बोझ भी बहुजन समाज को इतने लंबे समय तक नहीं झेलना पड़ता।मायावती ने आरोप लगाया कि आज भी देश में जातिवादी द्वेष और संकीर्ण सोच की राजनीति जारी है। उन्होंने कहा कि
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