लखनऊ,14 मार्च (आरएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में जातीय पक्षपात के कारण प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है और अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने ही जाति के अधिकारियों की तैनाती कर स्वजातीय माफियाओं और अपराधियों को बचाया जा रहा है, जिससे प्रदेश में भेदभाव, अन्याय और अत्याचार चरम पर पहुंच गया है।अखिलेश यादव ने कहा कि इसी माहौल का परिणाम है कि जौनपुर में एक ड्राइवर की गर्दन पर पैर रखकर दबाने से मौत हो गई, जबकि बदायूं में दो लोगों को गोली मार दी गई। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को स्पष्ट करती हैं और यह दर्शाती हैं कि अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों के पक्षपाती रवैये के कारण शासन व्यवस्था निष्पक्ष नहीं रह गई है और सत्ताधीशों को धृतराष्ट्र बना दिया गया है।अखिलेश यादव ने एक पीडि़त मां का उल्लेख करते हुए कहा कि वह चीख-चीख कर कह रही है कि उसके बेटे ने अपनी जान बचाने के लिए जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और विधायक तक से गुहार लगाई थी, लेकिन कहीं उसकी सुनवाई नहीं हुई। यह स्थिति प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाती है।उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग का गठजोड़ यानी पीडीए जाग चुका है। यह वर्ग अब जातीय अन्याय और अपराध का जवाब देने के लिए तैयार है। अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए अब पीड़ा, दमन और अन्याय को और अधिक सहन नहीं करेगा।
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