लखनऊ/प्रयागराज ,14 मार्च (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज के परेड मैदान में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा आयोजित दस दिवसीय सरस मेले का शुभारंभ करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला बन रही हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें “लखपति दीदी” बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।सरस महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर संबोधित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है। जो महिलाएं पहले घर की चारदीवारी तक सीमित रहती थीं, वे आज अपने परिश्रम और उद्यमिता के बल पर परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ समाज में सम्मान भी प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन समूहों से जुडऩे के बाद महिलाओं की सामाजिक प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि हुई है।उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 तक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की संख्या को 1 करोड़ 10 लाख से बढ़ाकर 3 करोड़ तक पहुंचाना है। साथ ही प्रदेश में एक करोड़ महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में छह करोड़ महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने का संकल्प लिया गया है और इसके लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार स्वयं सहायता समूहों को उद्योग स्थापित करने के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता और अनुदान उपलब्ध करा रही है। यदि कोई समूह 5 करोड़ रुपये की लागत से कोई फैक्ट्री या उत्पादन इकाई स्थापित करता है तो उसे 1 करोड़ 75 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। इसके अतिरिक्त सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए 90 प्रतिशत तक की अतिरिक्त सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है, जिससे महिलाएं बड़े स्तर पर उद्योग स्थापित कर सकें।उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं कपड़ा निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, कैंटीन संचालन, परिवहन तथा अन्य कई प्रकार के उद्यमों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ा रही हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है और महिलाएं परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं केवल छोटे स्तर तक ही सीमित न रहें, बल्कि उद्योग, उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन के क्षेत्र में भी आगे बढ़ें। सरस महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से इन महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी आय में लगातार वृद्धि होती है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में हुए सुधारों के कारण महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिला है। अपराधियों और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई के चलते महिलाएं निर्भय होकर आगे बढ़ रही हैं और अपने उद्यमों को विकसित कर रही हैं। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र भी सशक्त होगा।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सरस महोत्सव में विभिन्न स्थानों से आए स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, वस्त्र और घरेलू उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे लोगों ने सराहा।इस अवसर पर सांसद रवि किशन, सांसद प्रवीण पटेल, महापौर गणेश केसरवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वी. के. सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. के. पी. श्रीवास्तव और सुरेंद्र चौधरी, विधायक दीपक पटेल और पियूष रंजन निषाद, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ल और निर्मला पासवान, मिशन निदेशक ग्रामीण आजीविका मिशन दीपा रंजन, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, कवयित्री और गायिका डॉ. अनामिका जैन अंबर तथा गायिका तृप्ति शाक्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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