सुल्तानपुर,14 मार्च (आरएनएस)। बहुचर्चित संतराम अग्रहरी हत्याकांड में अब बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। लखनऊ हाईकोर्ट ने मामले में भाजपा नेता अर्जुन पटेल और उनके भाई प्रदीप पटेल के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई कुछ कार्रवाई को निरस्त कर दिया है। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने सुनवाई करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 84 के तहत जारी उद्घोषणा को प्रक्रिया का उल्लंघन मानते हुए रद्द कर दिया। साथ ही भारतीय न्याय संहिता की धारा 209 के तहत शुरू की गई कार्रवाई को भी समाप्त कर दिया गया। हालांकि हाईकोर्ट ने निचली अदालत को यह छूट दी है कि वह कानून के अनुसार मामले में आगे की कार्रवाई कर सकती है। गौरतलब है कि 8 अक्टूबर 2024 को दोस्तपुर थाना क्षेत्र के गोसैसिंहपुर में संतराम अग्रहरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों पर इनाम भी घोषित किया था और कार्रवाई तेज की थी। अब हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मामले में नया कानूनी मोड़ आ गया है, जिससे पूरे जनपद में इस केस को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है।
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