जशपुर 15 मार्च (आरएनएस) जिले में गौ तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने एक साहसिक और व्यापक अभियान चलाया। थाना नारायणपुर क्षेत्र के संभावित तस्करी मार्गों में डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्वयं पैदल पहुंचकर लगभग 50 पुलिसकर्मियों के साथ सघन निरीक्षण किया। किनकेल, खरवाटोली और पाकरकुंदर के जंगलों में पुलिस ने संभावित रास्तों को चिन्हित कर ब्लॉक कर दिया है।
अभियान के दौरान “पुलिस मितान टीम” का गठन किया गया, जो गांवों में होने वाली गौ तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों की सूचना सीधे पुलिस तक पहुँचाएगी। कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत ग्रामीणों को गौ तस्करी, नशे के दुष्प्रभाव और बच्चों की शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। पुलिस की सक्रिय उपस्थिति से ग्रामीणों का विश्वास और बढ़ा और उन्होंने हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिया।
डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने युवाओं को रोजगार के अवसरों और शिक्षा के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यातायात नियमों के पालन और नशे की स्थिति में वाहन न चलाने की चेतावनी भी दी गई।
यह अभियान उस रणनीति का हिस्सा है, जिसे डॉ. लाल उमेद सिंह ने पहले कवर्धा में कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत लागू किया था। वहां उन्होंने पुलिस एकेडमी और लाइब्रेरी के माध्यम से 1200 से अधिक युवाओं को रोजगार और शिक्षा के अवसर प्रदान किए। इसी तरह जशपुर जिले के सुदूर अंचलों के युवाओं को भी पुलिस एकेडमी कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यधारा में लाने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।
अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी कुनकुरी विनोद कुमार मंडावी, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली मोरध्वज देशमुख, थाना प्रभारी नारायणपुर उमेश प्रभाकर, थाना प्रभारी सन्ना संतोष सिंह, चौकी मनोरा दिनेश पुरैना और साइबर सेल निरीक्षक आशीष तिवारी समेत उनकी टीम शामिल रही। ग्रामीणों ने पुलिस की इस सक्रियता और तत्परता को देखकर अपनी सुरक्षा और सहयोग की भावना जाहिर की।

अभियान का संदेश स्पष्ट है: जशपुर पुलिस गौ तस्करी और अपराध के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढील नहीं देगी और ग्रामीणों के साथ मिलकर क्षेत्र में कानून और व्यवस्था बनाए रखेगी।

