जौनपुर 15 मार्च (आरएनएस )। नगर मोहल्ला बारादुअरिया में मरहूम हैदर अब्बास आफताब के आवास पर आयोजित रोजा इफ्तार में गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत झलक देखने को मिली। इस अवसर पर शहर के विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ बैठे और रोजा इफ्तार कर आपसी भाईचारे, मोहब्बत और सौहार्द का संदेश दिया।कार्यक्रम की शुरुआत मजलिस से हुई, जिसे संबोधित करते हुए धर्मगुरु मौलाना काजिम मेहदी उरूज ने अहलेबैत अलैहिस्सलाम की सीरत और उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना सब्र, इबादत, इंसानियत और जरूरतमंदों की मदद का पैगाम देता है। इस पवित्र महीने में इंसान को अपने अंदर अच्छाइयों को बढ़ाने और समाज में मोहब्बत व भाईचारा कायम करने का प्रयास करना चाहिए।मजलिस के बाद नमाज जमात से अदा की गई, जिसकी इमामत धर्मगुरु मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने कराई। नमाज से पहले उन्होंने रोजे की फजीलत और उसकी अहमियत पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि रोजा केवल भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह इंसान को सब्र, तकवा और इंसानियत की राह पर चलने की तालीम देता है।नमाज के बाद सभी रोजेदारों और मेहमानों ने सामूहिक रूप से इफ्तार किया। इफ्तार के दौरान खजूर, फल, शरबत और अन्य पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। पूर्व सांसद एवं केराकत विधायक तूफानी सरोज , पूर्व विधायक लाल बहादुर यादव , हैदर अब्बास चाँद, पूर्व चेयरमैन दिनेश टंडन, आदि मौजूद रहे।
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