अयोध्या 15 मार्च (आरएनएस)। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज में संचालित मिशन एकीकृत एवं औद्यानिक विकास योजना के अंतर्गत ग्राम खानपुर, जनपद बाराबंकी में एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह योजना भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेन्द्र सिंह के निर्देशन में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय के सह-अधिष्ठाता डॉ. भानु प्रताप तथा सब्जी विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सी. एन. राम के मार्गदर्शन में तैयार की गई। कार्यक्रम के दौरान परियोजना के मुख्य अन्वेषक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उद्यानिक फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकों, कीट एवं रोग प्रबंधन, जैविक खेती तथा कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन के बारे में जागरूक करना है जिससे वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें। किसानों को मसाला फसलों की उन्नत किस्मों तथा उनकी वैज्ञानिक उत्पादन तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक विधियों से मसाला फसलों की खेती करने से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि होती है। सह-मुख्य अन्वेषक डॉ. आशीष कुमार सिंह ने सब्जी फसलों की उन्नत खेती, बेहतर बीज चयन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के तरीकों पर प्रकाश डाला।
विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार मौर्य ने सब्जी फसलों में लगने वाले प्रमुख कीटों की पहचान और उनके समन्वित प्रबंधन के प्रभावी उपाय बताए। वहीं डॉ. संजीव सिंह ने सब्जी एवं मसाला फसलों की जैविक खेती पर व्याख्यान देते हुए रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग और जैविक तरीकों को अपनाने के लाभ बताए। वैज्ञानिक डॉ. हितेश कुमार ने जैविक खेती के साथ-साथ कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी और बताया कि प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग के माध्यम से किसान अपनी उपज से अधिक आय प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सब्जी बीज किट तथा लेमन ग्रास के पौधे किसानों को वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान आसपास के लगभग सैकड़ो किसान मौजूद रहे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

