लखनऊ, 16 मार्च (आरएनएस ) । ऑनलाइन डेटिंग ऐप के माध्यम से लोगों को जाल में फंसाकर लूटपाट और ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को संरक्षण में लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, तीन मोटरसाइकिल और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़ी रकम की जानकारी बरामद की गई है।पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की स्वाट/सर्विलांस टीम (डीसीपी उत्तरी) और थाना अलीगंज की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य ऑनलाइन डेटिंग ऐप के माध्यम से लोगों से संपर्क कर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे। गिरोह का एक सदस्य पहले पीडि़त के घर या कमरे में पहुंचता था और कुछ देर बाद अन्य सदस्य भी वहां पहुंच जाते थे। इसके बाद आरोपी पीडि़त का वीडियो बनाकर उसे वायरल करने और पुलिस में शिकायत करने की धमकी देते थे तथा क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करा लेते थे। साथ ही नकदी, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान भी छीन लेते थे।पुलिस के मुताबिक 15 मार्च 2026 को एक पीडि़त ने थाना अलीगंज में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि कुछ लोग उसके घर में घुस आए, उसे डरा-धमकाकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराए और उसका मोबाइल फोन व अन्य सामान छीनकर फरार हो गए। इस शिकायत के आधार पर थाना अलीगंज में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।जांच के दौरान एकत्र साक्ष्यों और सर्विलांस से प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक डाटा के आधार पर पुलिस ने 16 मार्च की सुबह सेक्टर-ई कूड़ाघर के पास घेराबंदी कर पांच संदिग्धों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में खालिद अहमद (23) निवासी शक्ति नगर इंदिरानगर, देवकरण सिंह (23) निवासी सर्वोदय नगर गाजीपुर, आकाश पाण्डेय (21) निवासी आजमगढ़ हाल पता अलीगंज और सुभाष रावत उर्फ गोलू (22) निवासी कुर्मांचल नगर गाजीपुर शामिल हैं। एक 17 वर्षीय बाल अपचारी को भी संरक्षण में लिया गया है।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए लोगों से संपर्क कर उन्हें मिलने के लिए बुलाते थे। इसके बाद पहले से तय योजना के अनुसार अन्य साथी कमरे में पहुंचकर पीडि़त का वीडियो बनाते और उसे नाबालिग के साथ आपत्तिजनक कृत्य का आरोप लगाकर ब्लैकमेल करते थे। डराकर क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराते थे और नकदी व अन्य सामान भी लूट लेते थे।पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन और तीन मोटरसाइकिल बरामद की हैं। बरामद मोबाइल फोन को डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। बिना वैध कागजात के मिलने पर मोटरसाइकिलों को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है।पुलिस के अनुसार गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश की जा रही है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
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