अयोध्या 16 मार्च (आरएनएस)। 20 साल पहले पूराकलन्दर थाना क्षेत्र में रंजिश को लेकर वादी मुकदमा प्रेम नारायण सिंह पर प्राणघातक हमला कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपित राजेन्द्र प्रसाद पर अपराध साबित न होने पर संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया गया है। यह फैंसला अपर सिविल जज सी.डी. चतुर्थ ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता व अभियोजन पक्ष के तर्कों को सुनन के पश्चात पत्रावली पर उपलब्ध समस्त साक्ष्यों के अवलोकन के बाद दिया। बचाव पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता इन्द्रेश कुमार सिंह व वैभव मिश्र ने पैरवी किया। तर्क दिया कि वह निर्दोष है रंजिशन फर्जी फसाया गया है। अभियोजन पक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रहा है। यह मामला पूराकलन्दर क्षेत्र का वर्ष 2006 का है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 13 फरवरी 2006 को प्रेम नारायन सिंह पर पुरानी रंजिश को लेकर प्राणघातक हमला किया गया विरोध करने पर उसे अपशब्द कहते हुए हमलावरों ने जान से मारने की धमकी भी दिया। यह मुकदमा चोटहिल की तहरीर पर थाना पूराकलन्दर में अपराध संख्या 51/2006 के अन्तर्गत गम्भीर अपराधों में राजेन्द्र प्रसाद पुत्र अम्बिका प्रसाद ग्राम लीला का पुरवा व कृष्ण कुमार तिवारी के विरूद्ध दर्ज कराया गया था। दौरान मुकदमा कृष्ण कुमार तिवारी की मृत्यु हो गयी थी।
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