नई दिल्ली 17 March, (Rns): आगामी विधानसभा चुनावों में जीत का परचम लहराने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी राजनीतिक बिसात बिछानी शुरू कर दी है। पार्टी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल और केरल के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली और अहम सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में पश्चिम बंगाल की 114 और केरल की 47 महत्वपूर्ण सीटों पर उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लगा दी गई है। चुनाव की तारीखों से पहले ही बीजेपी की इस बड़ी घोषणा ने दोनों राज्यों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज कर दी हैं और चुनावी रणभेरी बज चुकी है।
बंगाल में 114 सीटों पर फोकस
पश्चिम बंगाल की सत्ता तक पहुंचने के लिए बीजेपी अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी ने जिन 114 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, उनमें उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है जहां पिछले चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन शानदार रहा था। आलाकमान ने जहां एक तरफ अपने पुराने और कद्दावर नेताओं पर फिर से भरोसा जताया है, वहीं सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इन्कंबेंसी) की संभावनाओं को खत्म करने के लिए कई सीटों पर युवा और नए चेहरों को भी चुनावी मैदान में उतारा है। रणनीतिकारों का मानना है कि इतनी जल्दी उम्मीदवारों का ऐलान करने से नेताओं को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जनता से जुड़ने और प्रचार करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा।
केरल में 47 सीटों से वामपंथी किले में सेंध लगाने की तैयारी
दक्षिण के अहम राज्य केरल में भी अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए बीजेपी ने 47 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। राज्य में एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के पारंपरिक वर्चस्व को चुनौती देने के लिए पार्टी ने एक खास रणनीति तैयार की है। यहां टिकट वितरण में जातिगत समीकरणों के साथ-साथ ‘मेट्रो मॉडल’ और विकास के एजेंडे को मुख्य आधार बनाया गया है। यही वजह है कि पार्टी ने पूर्व नौकरशाहों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी चुनावी समर में उतारा है। बीजेपी को उम्मीद है कि ये 47 उम्मीदवार केरल के दक्षिणी और मध्य इलाकों में पार्टी के वोट बैंक में सेंधमारी करने में कामयाब होंगे।
भाजपा की पहली लिस्ट में मंजेश्वर सीट से के. सुरेंद्रन, उदमा सीट से मैनुअल मेलोथ, कन्हानगड सीट से बलराज एम, पय्यान्नूर सीट से एपी. गंगाधरन, अजिकोड सीट से के.के. विनोद कुमार, कन्नूर सीट से सी. रघुनाथ, मनंथवाडी (एसटी) सीट से पी. श्याम राज, सुल्तानबथेरी (एसटी) सीट से कविता ए.एस., वडकारा सीट से एडवोकेट के. दिलीप, कुट्टियाडी सीट से रामदास मनलेरी, नादापुरम सीट से सीपी. विपिन चंद्रन, क्विलांडी सीट से सी.आर. प्रफुल कृष्णन और पेराम्बरा सीट से एम. मोहनन मास्टर के नाम हैं।
पार्टी ने बलुस्सेरी (एससी) सीट से सी.पी. सतीशन, एलाथुर से टी. देवदास, कोझिकोड नॉर्थ से नव्या हरिदास, कोझिकोड साउथ सीट से टी. रनीश, बेपोर से एडवोकेट के.पी. प्रकाश बाबू और कुन्नामंगलम से वीके सजीवन को टिकट दिया है। साथ ही जहां शोरनूर से संकु टी. दास, ओट्टापालम से मेजर रवि, मलमपुझा से सी. कृष्णकुमार, पलक्कड़ सीट से सोभा सुरेंद्रन, चेलक्करा (एससी) से के. बालकृष्णन चुनाव लड़ेंगे, वहीं मनलूर से एडवोकेट केके अनीश कुमार, त्रिशूर से पद्मजा वेणुगोपाल, इरिंजालकुडा से संतोष चेराकुलम, देविकुलम (एससी) से एस. राजेंद्रन और पाला से शोन जॉर्ज को उम्मीदवार बनाया गया है।
भाजपा ने वैकोम (एससी) से के. अजित, कंजिरापल्ली से एडवोकेट जॉर्ज कुरियन, पूंजार से पीसी जॉर्ज, अंबलाप्पुझा से अरुण अनिरुद्धन, हरिपाड सीट से संदीप वचस्पति और चेंगन्नूर से एमवी गोपकुमार पर भरोसा जताया है।
दांव पर दिग्गजों की साख
बंगाल और केरल में बीजेपी के उम्मीदवारों की इस लिस्ट के सामने आने के बाद मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। बंगाल में टीएमसी (TMC) और केरल में वामपंथी दलों के खिलाफ बीजेपी ने एक बेहद मजबूत चक्रव्यूह रच दिया है। टिकट बंटवारे में इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है कि संबंधित नेता की स्थानीय स्तर पर जनता के बीच अच्छी और मजबूत पकड़ हो। आने वाले कुछ ही दिनों में बाकी बची हुई सीटों पर भी उम्मीदवारों के नामों का ऐलान होने की पूरी संभावना है, जिसके बाद दोनों राज्यों में चुनावी रैलियों और प्रचार अभियान में और भी ज्यादा तेजी देखने को मिलेगी।

