भिलाई 17 मार्च 2026(आरएनएस) प्रस्तावित बायोगैस प्लांट को लेकर चल रही अटकलों पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साफ कर दिया कि यह प्लांट कुरूद-जामुल में तय स्थल पर ही बनेगा और इसे कहीं अन्यत्र स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
यह मुद्दा तब उठा जब वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने स्थानीय विरोध और स्थल परिवर्तन की संभावना को लेकर सवाल किया। जवाब में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नगर निगम भिलाई द्वारा प्रस्तावित यह परियोजना पूरी प्रक्रिया के तहत तय स्थान पर ही स्थापित की जाएगी और इसके बदलाव का कोई सवाल नहीं है।
करीब 60 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना प्रतिदिन 130 टन नगरीय ठोस अपशिष्ट के प्रसंस्करण की क्षमता रखेगी, जिससे शहर के कचरा प्रबंधन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इसके लिए ग्राम जामुल और कुरूद में कुल 5.5 एकड़ भूमि का चयन किया गया है, जिसका लीज डीड 11 दिसंबर 2025 को पूरा हो चुका है।
स्थानीय विरोध के मुद्दे पर सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही है। कलेक्टर न्यायालय दुर्ग द्वारा 14 नवंबर 2025 को विधिवत जनसुनवाई आयोजित की गई थी, जिसमें संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को जारी राजस्व आदेश के माध्यम से स्थल की उपयुक्तता की पुष्टि भी कर दी गई।
सरकार के इस स्पष्ट रुख से यह संकेत मिल गया है कि विकास परियोजनाओं को लेकर अब निर्णय तय प्रक्रिया और प्रशासनिक मंजूरी के आधार पर ही होंगे। बायोगैस प्लांट की स्थापना न केवल कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

