नईदिल्ली,18 मार्च। ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध से फुटबॉल जगत भी अछूता नहीं रहा है। इस साल अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में फीफा विश्व कप खेला जाना है, जिससे ईरान पीछे हटने की बात कह चुका है। अब खबर है कि ईरान विश्व कप में सशर्त खेलने के लिए तैयार हुआ है। ईरान की मांग है कि उनकी टीम इस वैश्विक संस्करण में तब ही हिस्सा लेगी, जब उनके मैच अमेरिका की जगह मैक्सिको में खेले जाएंगे।
ईरानी फुटबॉल प्रमुख मेहदी ताज ने देश के मैक्सिकन दूतावास के एक्स अकाउंट के जरिए कहा, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ तौर पर कह दिया है कि वे ईरानी राष्ट्रीय टीम की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते, तो हम निश्चित रूप से अमेरिका नहीं जाएंगे। उन्होंने आगे कहा, हम अभी फीफा के साथ बातचीत कर रहे हैं कि विश्व कप में ईरान के मैच मैक्सिको में करवाए जाएं।
पिछले हफ्ते ईरान के खेल मंत्री अहमद दोन्यामाली ने टूर्नामेंट से हटने का ऐलान किया था। उन्होंने सरकारी टेलीविजन पर कहा था, “यह देखते हुए कि इस भ्रष्ट सरकार (अमेरिका की) ने हमारे नेता की हत्या कर दी है, हम किसी भी हालत में फुटबॉल के विश्व कप में हिस्सा नहीं ले सकते।” बता दें कि इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमला करने के कारण 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो गई थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले हफ्ते ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का अमेरिका में होने वाले विश्व कप में हिस्सा नहीं लेने की सलाह दी थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर लिखा था, ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का विश्व कप में स्वागत है, लेकिन मुझे सच में नहीं लगता कि उनके लिए वहां होना उचित है। खासकर उनकी अपनी जान और सुरक्षा के लिहाज से।
ईरान को 48 टीमों वाले इस विश्व कप के ग्रुप- जी में बेल्जियम, न्यूजीलैंड और मिस्र के साथ रखा गया है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, इस मध्य-पूर्वी देश को 15 जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉस एंजिल्स में अपने अभियान की शुरुआत करनी है। इसके बाद ईरान 21 जून को उसी जगह पर बेल्जियम से खेलेगा, और फिर ग्रुप-स्टेज के अपने आखिरी मैच में 26 जून को सिएटल (वॉशिंगटन) में मिस्र का सामना करेगा।
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