जौनपुर 19 मार्च (आरएनएस)। वांसन्तिक नवरात्रि के पहले दिन गुरुवार को शीतला चैकिया धाम में हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। सुबह से ही मंदिर में दर्शनार्थियों की लंबी कतारें देखी गईं। नवरात्र के प्रथम दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बारी-बारी से दर्शन और पूजन संपन्न किया।मंदिर के महंत विवेकानंद पंडा ने बताया कि माता का श्राृंगार पांच साडिय़ों से किया गया था। प्रात: 5 बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद उन्होंने माता रानी का भव्य शृंगार और आरती-पूजन किया। मां शीतला को गुलाब, गेंदा और अड़हुल के फूलों से बनी मालाओं से सजाया गया था। मां शैलपुत्री का महत्व बताया कि शैल का अर्थ हिमालय होता है। पर्वतराज हिमालय में जन्म लेने के कारण माता पार्वती को शैलपुत्री कहा जाता है। इन्हें भगवान शंकर की पत्नी और वृषभ को वाहन होने के कारण वृषभारूढ़ा भी कहा जाता है। मान्यता है कि इनकी आराधना से मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं। नवरात्र पर्व को देखते हुए धाम में पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मंदिर के मुख्य द्वार पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मी भीड़ को नियंत्रित कर रहे थे। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं।मंदिर परिसर में लगे सभी 16 सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त कर दिए गए थे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दो अग्निशमन यंत्र भी स्थापित किए गए। ये कैमरे गर्भ गृह, हवन कुंड, मुख्य द्वार, प्रवेश द्वार, दक्षिणी और पूर्वी निकास द्वार, मंदिर सरोवर और सत्य नारायण मंदिर सहित प्रमुख स्थानों की निगरानी कर रहे थे।
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