लखनऊ, (आरएनएस 24 जून। पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं की पहुंच मजबूत करने और ग्रामीण नागरिकों तक शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) में आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला के दौरान लखनऊ की डॉ. रंजना सिंह और सोनभद्र के संतोष कुमार को उत्कृष्ट डिजिटल सेवा एवं जनसेवा कार्यों के लिए राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।पंचायती राज मंत्रालय और कॉमन सर्विस सेंटर स्पेशल पर्पस व्हीकल के संयुक्त तत्वावधान में 23 जून को श्रीनगर में “सेवा से समृद्धि: पंचायत आधारित सेवा वितरण” विषय पर क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और कॉमन सर्विस सेंटर संचालक उपस्थित रहे।कार्यशाला में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित सात राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में डिजिटल गवर्नेंस, पंचायत आधारित सेवा वितरण, नागरिक सहभागिता और सुशासन के प्रभावी मॉडलों पर विचार-विमर्श किया गया। तकनीकी सत्रों और अनुभव साझा कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न राज्यों की सफल कार्यप्रणालियों को प्रस्तुत किया गया।कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट डिजिटल सेवाएं प्रदान करने वाले कॉमन सर्विस सेंटरों और विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर (वीएलई) को सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश से लखनऊ की डॉ. रंजना सिंह और सोनभद्र के संतोष कुमार को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।डॉ. रंजना सिंह ने अपने सीएससी केंद्र के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, डिजिटल समावेशन और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने हजारों महिलाओं को सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं से जोडऩे के साथ-साथ दो हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से बड़ी संख्या में आयुष्मान भारत और आभा कार्ड बनाए गए हैं। उनकी महिला संचालित डिजिटल आउटरीच वैन ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर सेवाएं उपलब्ध करा रही है। साथ ही उनके केंद्र के माध्यम से 15 स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिला है।हीं सोनभद्र के संतोष कुमार वर्ष 2009 से ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए कार्यरत हैं। उन्होंने डिजिटल साक्षरता, बैंकिंग सेवाओं, आधार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और डिजिटल भुगतान को आम लोगों तक पहुंचाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके प्रयासों से हजारों किसान, महिलाएं, छात्र और ग्रामीण नागरिक लाभान्वित हुए हैं। उनके सीएससी केंद्र के माध्यम से 26 स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।सीएससी उत्तर प्रदेश के स्टेट हेड राजेश मिश्रा ने दोनों सम्मानित वीएलई को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे उत्तर प्रदेश सीएससी परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाला यह सम्मान न केवल उत्कृष्ट कार्य करने वाले संचालकों का उत्साह बढ़ाता है, बल्कि अन्य वीएलई को भी नवाचार और जनसेवा की दिशा में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि सीएससी केंद्र आज केवल सेवा प्रदाता संस्थान नहीं हैं, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल सुशासन, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा और नागरिक सशक्तिकरण के मजबूत माध्यम बन चुके हैं। उत्तर प्रदेश में हजारों सीएससी संचालक ग्रामीण क्षेत्रों तक डिजिटल सेवाओं की पारदर्शी और सहज उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए डिजिटल इंडिया और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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