लखनऊ (आरएनएस ), 24 जून। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिनहट एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरोजनीनगर में नशा मुक्ति एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों, कानूनी प्रावधानों तथा उपलब्ध विधिक सहायता एवं पुनर्वास सेवाओं के प्रति जागरूक करना था।जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मलखान सिंह के मार्गदर्शन तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में नशा मुक्ति एवं विधिक जागरूकता संबंधी जानकारी प्रदान की गई। शिविर का संचालन पराविधिक स्वयं सेवक राजेश कुमार एवं दयाराम मौर्य द्वारा किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही नशीले पदार्थों से जुड़े कानूनों, नशा पीडि़त व्यक्तियों को उपलब्ध कानूनी सहायता, परामर्श सेवाओं तथा पुनर्वास योजनाओं की जानकारी भी दी गई।वक्ताओं ने युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति अभियान का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना, युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से बचाना तथा प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता और पुनर्वास सेवाओं से जोडऩा है।पराविधिक स्वयं सेवक दयाराम मौर्य ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास, जागरूकता और समय पर परामर्श अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिनहट में आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कारूष, डॉ. शोभना यादव, परामर्शदाता गोपाल यादव, सिद्धेश्वर मिश्रा, इंटर्न राहुल यादव एवं रविषेक यादव उपस्थित रहे। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरोजनीनगर में अधीक्षक डॉ. दिलीप कुमार भार्गव, आशा कार्यकर्ता, एएनएम तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने सहभागिता की।
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