कवि सम्मेलन में कवियों ने बांधा समां,श्रोता हुए मंत्रमुग्ध
हिंदू नववर्ष की पूर्व संध्या पर आयोजित हुआ विराट कवि सम्मेलन
सुलतानपुर 19 मार्च (आरएनएस)। हिन्दू नववर्ष की पूर्व संध्या पर पंडित रामनरेश त्रिपाठी सभागार में भारतीय नववर्ष आयोजन समिति द्वारा आयोजित 14 वें भव्य कवि सम्मेलन में गीत और गजलों की मधुर प्रस्तुति ने श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं से ऐसा समां बांधा कि तालियों की गूंज लगातार सुनाई देती रही। अयोध्या से आए कवि जमुना पाण्डेय की अध्यक्षता व बाराबंकी से पधारे राम किशोर त्रिपाठी के संचालन में कार्यक्रम की शुरुआत जबलपुर से आई कवियत्री मणिका दूबे ने सरस्वती वंदना से की। जिसके बाद कवियों ने एक के बाद एक गीत, गजल, हास्य और वीर रस की रचनाएं प्रस्तुत कीं। बाराबंकी से आए हास्य कवि विकास बौखल ने किसी खंजर से ना तलवार से जोड़ा जाए,
सारी दुनिया को चलो प्यार से जोड़ा जाए। ये किसी शख्स को दोबारा ना मिलने पाए, प्यार के रोग को आधार से जोड़ा जाए व लखनऊ से आए ओज कवि अभय निर्भीक ने इसका वैभव सदियों से है बिखराता नित नई छटा, इसे मिटाने वाले मिट गए किन्तु सनातन नही मिटा सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। बिहार से आए हास्य व्यंग के कवि शंभू शिखर ने मनहूस से चेहरों को सदा डांटता हूं मैं। गम के बदलियों में भी खुशी छांटता हूं मैं व जबलपुर से आई गीतकार मणिका दूबे ने वजूद धागे सा टूट जाना सही नहीं है। अनापरस्तों से दिल लगाना ठीक नहीं है सुनाकर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी।। कोटा से आए गीत व गजलकार कुंवर जावेद ने Óहर एक तख्त से हर ताज से लड़ जाती हैÓ कोई भी राज हो हर राज से लड़ जाती हैÓ।हमारे देश की बेटी को कितना जानते हो। सुहाग के लिए यमराज से लड़ जाती हैÓ सुनाकर श्रोताओं को भावुक कर दिया।रायपुर छत्तीसगढ़ से पधारे गीतकार रमेश बिस्वहार ,अयोध्या से आए ध्रुव उपाध्याय ने कवि सम्मेलन में गीत-गजलों से समां बांधा। इसके पहले कार्यक्रम के पहले सत्र का शुभारंभ मुख्य वक्ता महासचिव, अखिल भारतीय संघ समिति स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती व कार्यक्रम संयोजक प्रवीन कुमार अग्रवाल ने मंचासीन अतिथियों के साथ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया।कवि सम्मेलन के पहले सत्र को संबोधित करते हुए स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने भारतीय काल गणना, भारतीय नववर्ष की महत्ता और प्रकृति में होने वाले परिवर्तन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा हिन्दू नववर्ष केवल एक तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि प्राकृतिक और सांस्कृतिक नवचेतना का प्रतीक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग संघचालक डॉ एके सिंह व संचालन डॉ प्रीति प्रकाश ने किया। नगर पालिकाध्यक्ष प्रवीन कुमार अग्रवाल ने जनपद वासियों से भारतीय नववर्ष को धूमधाम व उत्साह के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने आएं हुए सभी अतिथियों,कवियों व श्रोताओं का धन्यवाद व आभार प्रकट किया।
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