247 बंदियों ने आज रखेंगे नवरात्रि का व्रत, मंत्रोच्चार से महका माहौल
व्रत रखने वाले बंदियों के लिए उनके बैरकों में ही पूजा-पाठ की अनुमति
बस्ती 19 मार्च (आरएनएस)। अध्यात्म और आस्था की शक्ति सलाखों के पीछे भी अपना असर दिखा रही है। नवरात्रि के पावन अवसर पर जिला कारागार का नजारा गुरुवार से पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। यहां की चहारदीवारी के भीतर अपराधबोध की जगह अब भक्ति और प्रार्थना के स्वर गूंजने शुरू हो गए हैं। जेल प्रशासन के अनुसार, इस बार कुल 247 बंदियों ने पूर्ण श्रद्धा के साथ नवरात्रि का व्रत रखने का संकल्प ले रखा है, इस बात की जानकारी जेल प्रशासन ने एक दिन करके बंदियों के पूजा-पाठ व फलाहार की व्यवस्था शुरू कर दी है। जेल का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। व्रत रखने वाले बंदियों के लिए जेल की बैरकों में ही पूजा-पाठ की अनुमति दी गई है। सुबह-शाम होने वाली माता की आरती और दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तसती के पाठ से जेल परिसर का कोना-कोना गुंजायमान होगा। बंदियों का कहना है कि पूजा-पाठ करने से उन्हें मानसिक शांति मिल रही है और अपने किए पर पश्चाताप करने की शक्ति मिल रही है।
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जेल प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
इतनी बड़ी संख्या में व्रत रखने वाले बंदियों की सुविधा के लिए जेल प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम किए हैं। व्रत रखने वाले बंदियों को जेल मैनुअल के अनुसार फल, दूध, कुट्टू का आटा और सेंधा नमक, चीनी उपलब्ध कराए जाएंगे। पूजा स्थल और बैरकों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कारागार के काली मंदिर में अनुशासन का पालन करते हुए प्रार्थना की भी व्यवस्था की गई है।
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सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
खास बात यह है कि इन व्रत रखने वाले बंदियों में कुछ ऐसे भी बंदी शामिल हैं जो आपसी भाईचारे और सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे हैं। जेल में हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के बंदी एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करते हुए इस उत्सव में सहयोग दे रहे हैं। नवमी के दिन जेल परिसर में विशेष हवन का भी आयोजन किया जा सकता है, जिसकी तैयारी अभी से शुरू हो गई है।
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धार्मिक आयोजनों का बंदियों के व्यवहार पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब बंदी अध्यात्म से जुड़ते हैं, तो उनके भीतर का तनाव कम होता है। 218 पुरुष व 29 महिला बंदियों का एक साथ व्रत रखना यह दर्शाता है कि वे मुख्यधारा से जुडऩे और सुधार की ओर बढऩे के इच्छुक हैं। जेल की दीवारों के भीतर अब गाली-गलौज या विवाद की जगह मंत्रोच्चार और अनुशासन दिखाई दे रहा है।
एसपी मिश्र, जेल अधीक्षक, बस्ती
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