राजौरी ,20 मार्च (आरएनएस)। पुंछ जिले की सुरनकोट पुलिस ने 11 वर्ष से लापता मानसिक रूप से अस्वस्थ एक महिला को उसके परिवार से मिलाकर मिसाल पेश की है। महिला की पहचान उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के दोहजा निवासी लीलावती के रूप में हुई है, जिसे उसके परिवार ने वर्षों पहले मृत मान लिया था और उसके अंतिम संस्कार के साथ अन्य रस्में भी कर दी थी।
लीलावती 11 वर्ष पहले अपने घर से लापता हो गई थीं। उनके स्वजन ने उन्हें हर संभव स्थान पर तलाश किया, लेकिन पता नहीं चला। अंतत: परिवार ने यह मान लिया कि उनकी मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में संबंधित थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी, लेकिन लंबे समय तक कोई जानकारी न मिलने पर परिवार ने सभी अंतिम धार्मिक रस्में, यहां तक कि चौबरसी और श्राद्ध तक कर दिए।
इस बीच, लीलावती पिछले छह महीने से सुरनकोट क्षेत्र में भटकती हुई नजर आ रही थीं। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वे इधर-उधर घूमती रहती थीं। सुरनकोट थाना प्रभारी आबिद बुखारी की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने महिला की स्थिति को देखते हुए मामले को गंभीरता से लिया और उनकी पहचान जानने का प्रयास शुरू किया।
पुलिस टीम ने महिला से लगातार बातचीत की। उसके द्वारा दी गई सीमित और बिखरी जानकारी को एकत्र किया। काफी प्रयास के बाद महिला ने खुद को उत्तर प्रदेश का निवासी बताया और डौज गांव का नाम लिया। इसके आधार पर पुलिस ने तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर जांच शुरू की।
जब पुलिस ने वीडियो काल और अन्य माध्यमों से पुष्टि करवाई, तो स्वजन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लीलावती के बेटे सुरनकोट पहुंचे और जैसे ही उन्होंने अपनी मां को जिंदा देखा, वे भावुक हो गए और उनसे लिपटकर रोने लगे
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