चुनाव आयोग की नीयत पर उठाए गंभीर सवाल
जगदीश यादव
कोलकाता 20 मार्च (आरएनएस)। चुनावी रण की गर्माहट के बीच चुनाव आयोग व बंगाल की ममता सरकार के बीच की दरार इतनी ज्यादा गहरी हो गई है कि, आरोप प्रत्यारोपों की सीमा को तो कब का लांघा जा चुका है और बात अब न्याय की मंदिर में चली गई है। साफ कहे तो बंगाल की ममता सरकार आईएएस, आईपीएस अधिकारियों के तबादले को लेकर हाईकोर्ट पहुंची और न्याय का दरवाजा खटखटाया। तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने इस मामले में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पक्षकार प्रतिवादी बनाया है। वकील ने मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए याचिका पर शीघ्र सुनवाई किए जाने का अनुरोध किया है। इस मामले से जुड़े एक वकील ने कहा कि इस याचिका पर अगले सप्ताह की शुरुआत में सुनवाई हो सकती है। याचिका में तबादले का निर्णय लिए जाने से पहले निर्वाचन आयोग के राज्य सरकार से परामर्श नहीं करने पर सवाल उठाए गए हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में हाल ही में 50 से अधिक वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के व्यापक फेरबदल को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की है। इस कानूनी चुनौती में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को विशेष रूप से पक्षकार बनाया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ये बर्खास्तगी मनमानी, एकतरफा और ठोस तर्क के अभाव में की गई हैं। यह कदम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग की कार्रवाई को लेकर की गई तीखी अघोषित आपातकाल टिप्पणी के बाद उठाया गया है। याचिका में तर्क दिया गया है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक सहित शीर्ष अधिकारियों को बिना किसी पूर्व सूचना के पद से हटाना उच्चतम स्तर का राजनीतिक हस्तक्षेप है। सत्ताधारी पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे कल्याण बनर्जी का कहना है कि ऐतिहासिक रूप से आयोग ऐसे व्यापक परिवर्तनों से पहले राज्य सरकारों से परामर्श करता था। बहरहाल बता दे कि, बंगाल में 15 मार्च को विधानसभा चुनावों की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर निर्वाचन आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ आईएएस और आइपीएस अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया था। गौरतलब हो कि, पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए दो चरणों में चुनाव होंगे। पहले चरण का चुनाव 23 अप्रैल और दूसरे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को होगा। मतों की गिनती 4 मई को होगी।
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