0 सरगुजा और बस्तर संभागों में भी 80 पार के नागरिक इसके लाभ से वंचित
0 मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से त्वरित कार्रवाई की मांग
रायपुर, 21 मार्च (आरएनएस)। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ की छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई ने आज यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि शासन द्वारा 80 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को एक सहायक के साथ राज्य के भीतर बस यात्रा में निशुल्क सुविधा प्रदान करने का आदेश जारी किया गया था । लेकिन विगत चार वर्षों से यह योजना धरातल पर लागू नहीं हो पाई है। यदि यह योजना लागू हो जाए तो न सिफऱ् 80 साल से अधिक आयु के पेंशनरों को, बल्कि इस उम्र के या इससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठजनों को जीवन के अंतिम पड़ाव में कुछ आर्थिक राहत देने वाली इसका लाभ मिल सकता है, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव और विभागीय उदासीनता के चलते यह महत्वपूर्ण जन-हितकारी योजना निष्प्रभावी बनी हुई है।
महासंघ के प्रान्ताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने आज यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि विशेष रूप से सरगुजा संभाग और बस्तर संभाग जैसे दूरस्थ और ट्रेन सुविधा विहीन क्षेत्रों में इस योजना का सर्वाधिक लाभ मिलना चाहिए था,क्योंकि इन इलाकों में आवागमन का मुख्य साधन बस ही है। श्री नामदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और परिवहन मंत्री केदार कश्यप स्वयं इन्हीं क्षेत्रों से विधायक हैं, इसके बावजूद इन इलाकों में भी योजना का क्रियान्वयन नहीं हो सका है ।प्रेस विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने इस स्थिति पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है और कहा है कि ऐसा लगता है कि परिवहन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर इस आदेश को लागू करने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
इस संबंध में महासंघ के प्रान्ताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने प्रेस विज्ञप्ति में आगे बताया कि राज्य सरकार के परिवहन विभाग ने 30 सितंबर 2021 को एक आदेश जारी किया था । इस आदेश के तहत 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को एक परिचारक सहित बस यात्रा में 100 प्रतिशत छूट देने का प्रावधान है, लेकिन राज्य में कहीं भी इसका प्रभावी पालन नहीं हो रहा है।प्रचार प्रसार के अभाव में एक अच्छी योजना बनी कागजी योजना बन कर रह गई है । अधिकांश बस मालिकों, परिचालकों और चालकों को भी इस योजना की जानकारी नहीं है ।
श्री नामदेव ने कहा – हालांकि बस्तर संभाग के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने अपने जगदलपुर कार्यालय से 9जुलाई 2024 को बस एसोसिएशन, जगदलपुर के अध्यक्ष को पत्र लिखकर सरकार के इस आदेश की याद दिलाई थी।क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने पत्र में लिखा था कि जिले के सभी बस मालिकों,परिचालकों और चालकों को इस आदेश के बारे में सूचित किया जाए ।क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने अपने पत्र में यह चेतावनी भी दी थी कि यदि बस परिचालक द्वारा नि:शुल्क बस यात्रा की सुविधा देने से इन्कार किया जाता है तो मोटर यान अधिनियम की धारा 86 के तहत संबंधित यात्री बस की अनुज्ञा पत्र और परिचालक के विरुद्ध धारा 34के अधीन निलंबन की कार्रवाई की जाएगी । क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा अपने इस पत्र की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ सरकार के परिवहन आयुक्त सहित अध्यक्ष, बस एसोसिएशन, रायपुर और अध्यक्ष, बस्तर संभाग वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति, जगदलपुर को भी भेजी गई थी। लेकिन आज तक इसका क्रियान्वयन नहीं हो पाया है ।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पेंशनर्स महासंघ के पदाधिकारियों, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे.पी. मिश्रा, महामंत्री अनिल गोल्हानी, संगठन मंत्री टी.पी. सिंह, कोषाध्यक्ष बी.एस. दसमेर, संभागीय अध्यक्ष प्रवीण कुमार त्रिवेदी, जिला रायपुर के अध्यक्ष आर जी बोहरे,बस्तर संभाग के आर.एन.ताटी ,आर.डी.झाड़ी, एस. एन. देहारी, सरगुजा संभाग के प्रदीप सोनी, गुरुचरण सिंह और माणिक चंद्र ने भी मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से मांग की है कि इस मामले का त्वरित संज्ञान लेकर आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
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