उदयपुर ,22 मार्च (आरएनएस)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए माण्डवा थाने के थानाधिकारी निर्मल कुमार खत्री और कांस्टेबल भल्लाराम पटेल को 8 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, गोपनीय सूचना के आधार पर शिकायत मिली थी कि परिवादियों को एक मामले में आरोपी नहीं बनाने के बदले 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। 21 मार्च 2026 को सत्यापन के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी प्रति व्यक्ति 5 लाख रुपये के हिसाब से कुल 20 लाख रुपये की मांग कर रहे थे, लेकिन बाद में 8 लाख रुपये लेने पर सहमति बनी। योजना के तहत एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया और आरोपियों को 8 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। इस राशि में 1 लाख रुपये असली नोट और 7 लाख रुपये डमी नोट (चिल्ड्रन नोट) शामिल थे।
यह कार्रवाई डॉ. रामेश्वर सिंह, उप महानिरीक्षक पुलिस के सुपरविजन में तथा एसीबी इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर के नेतृत्व में की गई। ट्रैप की कार्रवाई पुलिस निरीक्षक डॉ. सोनू शेखावत ने टीम के साथ मिलकर अंजाम दी।
मामले में एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमाला के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ जारी है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित) की धारा 7 तथा बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की सख्त मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि रिश्वतखोरी के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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