-संवैधानिक मूल्यों एवं मर्यादाओं का अक्षरश: पालन करने की मांग
-मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश का उल्लंघन करना दुर्भाग्यठ्ठ: पुष्कर महतो
जमशेदपुर 23 मार्च (आरएनएस)। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर के तत्वावधान मे झारखंड आंदोलनकारियों के साथ
हो रही प्रशासिक उपेक्षा के विरोध में आम बागान से जुलूस निकालकर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष दो घण्टे तक धरना – प्रदर्शन कर मुख्य द्वार जाम कर दिया .
झारखंड आंदोलनकारियों ने मांग की कि पूर्वी सिंहभूम में संवैधानिक मूल्य एवं मर्यादाओं का अक्षरश: पालन करने तथ्य सरकार के संकल्प के आलोक में झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान पत्र या प्रमाण पत्र , प्रतीक चिन्ह वगैरह प्रदान नहीं करने को लेकर आक्रोश व्यक्त किया गया.
प्रशासन की ओर से एसडीओ के आश्वासन देते हुए कहां के सभी झारखंड आंदोलनकारी को जल्द से जल्द सम्मानित किया जाएगा अब तक जो भी आंदोलनकारियों के साथ संवाद स्थापित करने में, सम्मान देने की दिशा में जो कमियां हुई है उसे दुरुस्त किया जाएगा तथा सम्मान समारोह पूर्वक सभी को जल्द सम्मानित किया जाएगा. एसडीओ के इस आश्वासन के पश्चात धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित किया गया. झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि हेमंत सरकार के द्वारा जारी संकल्प 1938 , 30 अप्रैल 2021 का उल्लंघन पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर झारखंड में हो रहा है. इस संकल्प के आलोक में चिन्हित सभी झारखंड आंदोलनकारियों को राजकीय मान सम्मान के तहत सम्मान पत्र या प्रमाण पत्र के साथ प्रतीक चिन्ह प्रदान कर उपायुक्त के माध्यम से सम्मानित किया जाना सुनिश्चित किया जाना हैं . उपायुक्त के द्वारा संवैधानिक मूल्य एवं मर्यादाओं का पालन अक्षरश: होने राज्य में सकारात्मक संदेश जाता तथा संघीय व्यवस्था की गरिमा बनी रहती. उन्होंने कहा कि गृह विभाग के माध्यम से पत्र संख्या 14 विविध 19 2024, 3108 झारखंड सरकार गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग झारखंड के अपर सचिव अनिल कुमार तिर्की ( भा प्र से) राज्य के सभी उपायुकों को प्रेषित कर *आंदोलनकारियों को सम्मानित करने का आदेश दिया गया था,जिसका अनुशरण नहीं ठ्ठहोना राज्यादेश का उल्लंघन जैसा कृत्य है . इस आदेश के बाद झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान नहीं हुआ और इस कालखंड में कई आंदोलनकारियों का आकस्मिक मृत्यु बिना सम्मान पाए ही हो गया यह जघन्य अपराध सा है. भारतीय दंड संहिता की धारा 166,166्र एवं 188 के तहत सरकार के द्वारा प्रशासनिक पदाधिकारी के ऊपर कानूनी कार्यवाई भी हो सकती है. झारखंड आंदोलनकारियों का अपमान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
केंद्रीय कोषाध्यक्ष सरोजिनी कच्छप ने कहा कि झारखंड आंदोलन कार्यक्रम का सम्मान सिर्फ प्राथमिकता के आधार पर होनी चाहिए. आज आंदोलनकारियों के सम्मान से ही राज्य का सम्मान है. झारखंड आंदोलनकारियों के त्याग बलिदान से ही यह राज्य बना है.
केंद्रीय सचिव अनंत प्रधान ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी को जल्द से जल्द सम्मान नहीं मिला तो हुडको आंदोलन किया जाएगा. एक-एक आंदोलनकारी परंपरागत अस्त्र शस्त्र के साथ संघर्ष के लिए उतरेंगे.
मौके पर दक्षिणी छोटा नागपुर प्रमंडल के अध्यक्ष श्रीमती रोजलीन तिर्की ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी को सम्मान देने में विलंब करना राज्य सरकार के आदेश का सरासर उल्लंघन है सरकार स्वाति से संज्ञा और डीसी अपने दायित्व का निर्वाह करें. कार्यक्रम के अध्यक्षता पूर्वी सिंधु अध्यक्ष शिबू काली माईती एवं सफल संचालन कोल्हान प्रमंडल के अध्यक्ष विश्वजीत प्रमाणिक एवं धन्यवाद ज्ञापन पूर्णिमा बेक ने की.इस अवसर पर जसवंत सिंह कंबोज, दल गोबिंद नामता, नील माधव प्रधान, शांतनु गोप, इंद्र रवि दास, नासिर ख़ान, बनो दास, बनो कुमार बास्के, रंग नाथ महतो, गोपाल मिश्रा
,मिहिर तिवारी सुभाष सिंह, अनिल कुमार महतो देवाशीष मलिक दिलीप पति चंद्र मोहन बेरा, रामपद्दों महतो, विनय रंजन महतो सहित अन्य आंदोलनकारी प्रमुख थे।
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