थैलेसीमिया के इलाज में विलंब से दर्जनों बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट करने की अवधि समाप्त हो जाएगी
रांची 12 अप्रैल (आरएनएस)। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री की घोषणाएं जमीन पर नहीं उतर रही हैं. पिछले बजट सत्र में सरकारी स्वास्थ्य सेवा को और बेहतर बनाने की कई घोषणाएं की गयी हैं लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है.पिछले वर्ष
दिसम्बर में स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में घोषणा की थी कि बोन मेरो ट्रांसप्लांट के लिए राजधानी के सदर अस्पताल में अलग से एक युनिट की स्थापना की जाएगी साथ ही प्रत्येक पीडि़त बच्चे को बीएमटी के लिए 15 लाख रुपये दिए जायेंगें. उल्लेखनीय है कि बीएमटी के लिए एक निश्चित उम्र और शारीरिक विकास का समय निर्धारित है. डाक्टरों का कहना है कि इसके बाद बीएमटी के सफलता की संभावना बहुत कम हो जाती है. इसलिए देर होने से बोन मेरो ट्रांसप्लांट करना संभव नहीं हो सकेगा. स्वास्थ्य विभाग को इसे गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि यह थैलेसीमिया व सिकल सेल एनीमिया से पीडि़त बच्चों के जिंदगी का मामला है. स्वास्थ्य मंत्री द्वारा रिम्स परिसर में तैयार हो गए क्षेत्रीय चक्षु केंद्र के शुरुआत की भी घोषणा अभी तक लागू नहीं हो सकी है.सीपीएम मांग करता है की रिम्स सहित राज्य की सरकारी स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाया जाए क्योंकि झारखंड की अधिकांश गरीब जनता इस पर ही निर्भर है.
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