कबीरधाम 26 मार्च (आरएनएस) सरकारी धान खरीदी में करोड़ों के खेल का पर्दाफाश करते हुए कबीरधाम पुलिस ने 70 लाख से ज्यादा की हेराफेरी के आरोपी खरीदी प्रभारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया घोटाला सिस्टम की बड़ी लापरवाही और सुनियोजित गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।कबीरधाम जिले के कुण्डा थाना क्षेत्र स्थित पेण्ड्रीकला धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी के नाम पर 70,43,200 रुपये की हेराफेरी का मामला उजागर हुआ है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी खरीदी प्रभारी विवेक चंद्राकर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।मामले की शुरुआत तब हुई जब जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव शाखा कुण्डा के प्रबंधक राजेंद्र कुमार डाहिरे ने लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद कलेक्टर खाद्य शाखा के निर्देश पर गठित जांच टीम ने धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया।जांच में पाया गया कि 12 जनवरी 2026 तक केंद्र में कुल 23,319.20 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज थी। इसमें से 3,880 क्विंटल धान का उठाव हो चुका था, जबकि शेष 19,439.20 क्विंटल धान स्टॉक में होना चाहिए था। लेकिन भौतिक सत्यापन में मात्र 17,167.20 क्विंटल धान ही मौजूद मिला। इस तरह 2,272 क्विंटल धान गायब पाया गया, जिसकी कीमत 70 लाख 43 हजार 200 रुपये आंकी गई।जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि खरीदी प्रभारी विवेक चंद्राकर ने तौल पत्रक और रजिस्टर में कूट रचना कर रिकॉर्ड में हेराफेरी की और अमानत में खयानत करते हुए शासन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया।इस मामले में थाना कुण्डा में अपराध क्रमांक 15/2026 के तहत धारा 316(3), 316(5), 318(4), 336(3), 338 और 340 भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने गवाहों और जांच दल के सदस्यों के बयान दर्ज कर साक्ष्य जुटाए।पूछताछ के दौरान आरोपी ने धान खरीदी के दौरान रिकॉर्ड में गड़बड़ी करना स्वीकार किया। इसके बाद थाना प्रभारी निरीक्षक विमल लावनिया के नेतृत्व में टीम ने आरोपी की पतासाजी कर 26 मार्च 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला केवल हेराफेरी नहीं, बल्कि योजनाबद्ध आर्थिक अपराध का उदाहरण है, जिसमें सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग कर बड़ी राशि का गबन किया गया।
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