New Delhi 26 March, (Rns) /- देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल ‘सीआरपीएफ’ में विभिन्न रैंकों पर पदोन्नति मिलने का इंतजार लंबा होता जा रहा है। सीआरपीएफ में ग्रुप ए के कैडर अधिकारियों की पदोन्नति का मुद्दा अभी तक सुलझा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के बाद अब यह मामला बतौर ‘केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) बिल, 2026’, संसद में पहुंच चुका है। दूसरी तरफ ग्रुप बी में शामिल इंस्पेक्टर भी अब पदोन्नति में हो रही देरी को लेकर मुखर होने लगे हैं। पदोन्नति के इंतजार में बैठे सीआरपीएफ के 6000 इंस्पेक्टरों को सहायक कमांडेंट बनने में 200 साल से ज्यादा वक्त लगेगा। फिलहाल यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट में पहुंच गया है।
सीआरपीएफ में सहायक कमांडेंट (एसी) की पदोन्नति की फीडर पोस्ट एसआई और इंस्पेक्टर हैं। बल में लगभग 6000 इंस्पेक्टर और 16000 एसआई हैं। सवाल है कि अब 22000 कार्मिकों को पदोन्नति कब मिलेगी। पहले बल की एक कंपनी में एक ‘एसी’ और एक ‘इंस्पेक्टर’ होता था

