भिलाई 27 मार्च (आरएनएस) श्रीराम जन्मोत्सव समिति द्वारा आयोजित श्रीरामनवमी के 41वें वर्ष के भव्य आयोजन में इस्पातनगरी पूरी तरह भगवामय हो गई, जहां श्रीरामलीला मैदान पावर हाउस में हजारों श्रद्धालु जय श्रीराम के उद्घोष के साथ जुटे और महाप्रसाद, झांकियों, लेजर शो व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन हुआ। चारों दिशाओं से भगवा ध्वज के साथ पहुंचे रामभक्तों ने पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु श्रीराम के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन से हुई, इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। विभिन्न प्रखंडों से आई आकर्षक झांकियां और शोभायात्राएं सभास्थल पहुंचीं, जहां श्रद्धालुओं ने देर रात तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।

महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग सभी वर्गों की भागीदारी ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। भिलाई के घर-घर से एकत्रित अन्न से तैयार महाप्रसाद को ग्रहण करने हजारों की भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा आयोजन जनसहयोग और आस्था का प्रतीक बन गया।
मुख्य वक्ता बाल योगेश्वर राम बालक दास महात्यागी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि केवल प्रतीकात्मक रावण दहन नहीं, बल्कि भीतर की बुराइयों को समाप्त करना ही सच्ची रामभक्ति है। उन्होंने राष्ट्र, धर्म और समाज को जोड़ने की बात कही।

कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने इसे संस्कृति और एकता का जीवंत उदाहरण बताया, वहीं समिति के संरक्षक प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने 1986 से शुरू इस आयोजन की यात्रा को समाज की शक्ति और सहयोग का परिणाम बताया। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने श्रीराम के चरित्र को मानवता के लिए आदर्श बताया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, भाजयुमो प्रदेश प्रभारी आलोक डंगस सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे, जिन्होंने रामभक्ति और सामाजिक एकता का संदेश दिया। आयोजन के दौरान झांकियों को पुरस्कृत किया गया, जिसमें वार्ड 42 शिवालय धाम को प्रथम स्थान मिला।

यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कृति को जीवित रखने का बड़ा मंच बनकर उभरा।

