नई दिल्ली ,27 मार्च,(आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (ष्टछ्वढ्ढ) सूर्यकांत ने देश के सभी उच्च न्यायालयों को पत्र लिखकर न्यायिक रिक्तियों को तुरंत भरने के निर्देश दिए हैं। ष्टछ्वढ्ढ ने विशेष रूप से महिला जजों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया है। उन्होंने हाईकोर्ट को सुझाव दिया है कि वे केवल स्थानीय वकीलों तक सीमित न रहें, बल्कि सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही महिला वकीलों के नाम पर भी विचार करें।
देश की न्याय व्यवस्था में तेजी लाने की दिशा में मुख्य न्यायाधीश (ष्टछ्वढ्ढ) सूर्यकांत ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। ष्टछ्वढ्ढ ने देश के सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को पत्र लिखा है। उन्होंने निर्देश दिया है कि जजों के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस पत्र की सबसे खास बात महिला जजों की नियुक्ति को लेकर ष्टछ्वढ्ढ का सख्त रुख है।
ष्टछ्वढ्ढ सूर्यकांत ने अपने पत्र में जिक्र किया है कि उच्च न्यायपालिका में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अब भी काफी कम है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट कॉलेजियम को महिला जजों की नियुक्ति को अपवाद के तौर पर नहीं, बल्कि सामान्य नियम के रूप में देखना चाहिए। मेधावी महिला वकीलों को बेंच का हिस्सा बनाना केवल संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में संवेदनशीलता लाने के लिए अनिवार्य है
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