सुल्तानपुर, 28 मार्च (आरएनएस)। जी हाँ! खबर बेहद चौंकाने वाली है। सुल्तानपुर के युवक ने कभी कोई कारोबार नही किया फिर भी तीन जिलों में खुल गयी फर्म, बकाया जीएसटी सुनकर उड़े होश। कभी देवरिया तो कभी मिर्जापुर दौड़ लगाई। जब 1,11,51,537 का जीएसटी बिल मिला तो उड़े होश। आपको बता दें कि नगर के शास्त्री नगर मोहल्ले के शुभम श्रीवास्तव हैं। पीडि़त शुभम के कहे को सच मानें तो वह दो माह से एक फार्मा कम्पनी में कार्य करते हैं । प्रार्थी का नगर के बांधमंडी भारतीय स्टेट बैंक में बचत खाता है। बीते साथ दिसंबर को सब्जी खरीदने के बाद जब वह अपने पएकांउट से ऑनलाइन पेमेंट करना चाहा तो उसमे से पेमेंट नहीं हुआ तो उन्हें आश्चर्य हुआ। वह भागे भागे बैंक गए तो बैंक वालो ने बताया कि आपका जीएसटी बकाया है। इस कारण आपके खाते में प्रॉब्लम चल रही है। प्रार्थी शुभम कई बार एसबीआई बैंक गए लेकिन उसे बैंक वाले गोलमोल जवाब देते रहे। तभी शुभम शहर के जिला पंचायत परिसर के अन्दर स्थित जीएसटी ऑफिस गया वंहा से पता चला की शुभम के नाम से बलिया, देवरिया तथा मिर्जापुर में एक करोड़ 11 लाख 51,537/ रूपए जीएसटी बकाया है। पीडि़त ने बताया कि जीएसटी ऑफिस में बताया कि मैं कोई व्यवसाय नहीं करता हू। बीते 18 मार्च को जीएसटी ऑफिस मिर्जापुर जनपद गया तो वहां ज्ञात हुआ कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने प्रार्थी का आधार पैन लगाकर फ्रॉड व जालसाजी करते हुए उपरोक्त तीनो जीएसटी नंबर जारी कराकर प्रार्थी के नाम से कोई व्यवसाय कर रहा है। पीडि़त ने कई बार नगर कोतवाली दरख़्वास्त दी लेकिन सुनवाई नही हुई, एसपी से मिलकर पीडि़त ने न्याय की गुहार की है।
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