अजय दीक्षित
28 फरवरी को जब युद्ध शुरू हुआ था तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि ईरान इस स्तर का रिटेलियट करेगा । लेकिन युद्ध एक महीने बाद भी चल रहा है। इजरायल के कहने पर शुरू हुए इस युद्ध ने पूरी दुनिया को विशेषकर मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया को ऊर्जा जरूरतों की दृष्टि से संकट में डाल दिया है। यदिप ईरान भी बुरी तरह नष्ट हो रहा है। लेकिन यूएई, कुवैत, कतर, बहरीन, सऊदी अरब आदि देशों में भी यूएस बेस पर तथा शहरी आवादी, एरोड्रम पर बहुत नुक्सान हुआ है। लेकिन अब डॉनल्ड ट्रंप अपने घर पर राजनीत में उलझ गए हैं। डेमोक्रेटिक पूरे मामले को कांग्रेस में करना चाहते हैं और रिचर्ड निक्सन जैसा करना चाहते हैं क्योंकि वाटरगेट कांड 1972 के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।
उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, तुलसी गैबार्ड,सहित ट्रंप के साथी अब इस युद्ध के खिलाफ है।तुलसी गैबार्ड ने कहा है कि 17 लाख करोड़ रुपए अब तक युद्ध में खर्च हो चुके हैं और पेंटागन 200 बिलियन डॉलर की मांग कर रहा है। तुलसी गैबार्ड अमेरकन सरकार की इंटेलीजेंस प्रमुख है।
दूसरी ओर ईरान ने पूरी दुनिया का 20 परसेंट तेल टैंकरों को हॉर्मूज समुद्री क्षेत्र में रोक दिया है।केवल चाइना, भारत,के तेल टैंकरों, गैस टैंकरों को हॉर्मूज समुद्री क्षेत्र से गुजरने की परमीशन है।
डॉनल्ड ट्रंप बार बार अपील कर रहे है कि नाटो देश अपनी समुद्री जहाज,सेना हॉर्मूज समुद्री क्षेत्र को खुलवाने में मदद करे लेकिन इटली फ्रांस, जर्मनी,स्पेन, ब्रिटिश ने साफ इनकार कर दिया है।स्पेन ने तो युद्ध को पाप बताया है।
इजरायल मौके का फायदा उठा कर ईरान के प्रॉक्सी ग्रुप हिज्बुल्लाह,हमास, बेरुत,लेबनान पर हमला कर खासा नुक़सान पहुंचा दिया है।रूस और चाइना ईरान को मदद कर रहे हैं। ईरान ने अब तक मिसाइल वह भी बहुतायत में इजरायल और यूएस बेस पर हमला कर पूरे विश्व के देशों को चौंका दिया है।
आज से 4 दिन पूर्व अमेरिका ने पाकिस्तान,तुर्की के माध्यम से 15 विंदु वाली शर्त रखी कि ईरान समर्पण करदे मगर ईरान ने सब शर्तों की बात छोड़ो अपनी तीन शर्ते रखी दी और कहा कि युद्ध में नुक्सान का खर्चा अमेरिका दे, परमाणु हथियारों का कार्यक्रम जारी रखा जाएगा ।
अब तो ईरान अड़ गया है और डॉनल्ड ट्रंप युद्ध से सम्मानजनक एग्जिट चाहते हैं इसी लिए उन्होंने अपनी समय सीमा 6 अप्रैल तक बड़ा दी है। डॉनल्ड ट्रंप अब अपने देश की राजनीत से परेशान है।उनका लोकप्रिय सेंसेक्स 30 परसेंट पर आ गया।जबकि 27 फरवरी को 63 परसेंट पर था । यूएस कांग्रेस ने युद्ध पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। यद्यपि यूएस प्रेसिडेंट कांग्रेस की बात मांगने के बाध्य नहीं है लेकिन वित्त विभाग कांग्रेस के अधीन है। उल्लेखनीय है कि ईरान में 28 फरवरी के हमले में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमानी सहित 43 लोग मार दिया। अब ईरान की सेना प्रमुख लार्जियानी मारे गए। अब मोजतफा खुमानी सर्वोच्च नेता है ।ईरान में अब तक 3000 लोग मारे गए। यूएस प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने अब यूक्रेन रूस युद्ध पर हस्तक्षेप कर ने का नैतिक अधिकार खो दिया है।
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