नई दिल्ली ,29 मार्च,। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (श्वङ्क) की बढ़ती डिमांड के बीच केंद्र सरकार ने आम आदमी की जेब से जुड़ा एक बेहद अहम फैसला लिया है। अगर आप भी नया इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर या थ्री-व्हीलर खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी की समय सीमा को तो बढ़ा दिया है, लेकिन इसके साथ ही एक ऐसा पेंच भी फंसा दिया है जिसका सीधा असर आपकी बचत पर पड़ेगा। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि सरकार के इस नए फैसले से आपको फायदा होने वाला है या फिर आपकी जेब पर कैंची चलने वाली है।
क्करू श्व-ष्ठह्म्द्ब1द्ग स्कीम की मियाद बढ़ी, जानिए नई डेडलाइन
भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए नोटिफिकेशन के मुताबिक, प्राइम मिनिस्टर इलेक्ट्रिक ड्राइव रेवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल इन्हैंसमेंट (क्करू श्व-ष्ठह्म्द्ब1द्ग) योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी का दायरा अब बढ़ा दिया गया है। जो योजना पहले 31 मार्च 2026 को खत्म होने वाली थी, अब उसका फायदा आगे भी मिलता रहेगा। नए नियमों के अनुसार, अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वालों को 31 जुलाई 2026 तक और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के ग्राहकों को 31 मार्च 2028 तक सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को तेज रफ्तार देना और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। अक्टूबर 2024 में शुरू हुई इस पूरी स्कीम के लिए सरकार ने 10,900 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट तय किया है।
समय सीमा बढ़ी लेकिन घट गई सब्सिडी की रकम, ग्राहकों को लगा झटका
सरकार ने मियाद बढ़ाकर ग्राहकों को राहत तो दी है, लेकिन दूसरी तरफ सब्सिडी की रकम में बड़ी कटौती कर दी है। 1 अप्रैल 2025 से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर मिलने वाली सब्सिडी को घटाकर 2,500 रुपये प्रति द्मङ्खद्ध कर दिया गया है, जिसकी अधिकतम सीमा अब मात्र 5,000 रुपये रह गई है। आसान शब्दों में कहें तो पहले जहां ग्राहकों को कम से कम 10,000 रुपये तक की सीधी छूट मिल जाती थी, वहीं अब उन्हें सिर्फ 5,000 रुपये के फायदे से ही संतोष करना पड़ेगा। इसी तरह इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर पर भी कैंची चलाई गई है। अब इस पर अधिकतम सब्सिडी 12,500 रुपये मिलेगी, जो पहले 25,000 रुपये तक हुआ करती थी। दरअसल, सरकार धीरे-धीरे सब्सिडी को पूरी तरह खत्म करने की योजना पर काम कर रही है, जिसकी वजह से यह कटौती की गई है।
अब तक लाखों लोगों ने उठाया फायदा, कंपनियों को भी मिला रिफंड
योजना की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक लाखों लोग इसका सीधा फायदा उठा चुके हैं। 27 जनवरी 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत 22.12 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन बिक चुके हैं, जिनमें 19.19 लाख से अधिक टू-व्हीलर शामिल हैं। इसके एवज में वाहन निर्माता कंपनियों को सरकार की ओर से 1,703 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी जारी की जा चुकी है। वहीं, भारी उद्योग मंत्रालय ने 5 फरवरी 2026 तक कंपनियों को उन वाहनों पर दी गई छूट के बदले 1,182.32 करोड़ रुपये की राशि वापस की है, जो 1 अप्रैल 2024 के बाद रजिस्टर्ड हुए थे।
इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग स्टेशनों का बिछेगा जाल
इस योजना का फोकस सिर्फ छोटे वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन और चार्जिंग नेटवर्क को भी विश्वस्तरीय बनाना है। सरकार ने बड़े शहरों में 14,028 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य रखा है, जिन पर 4,391 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और अहमदाबाद जैसे महानगर शामिल हैं। इसके साथ ही ईवी मालिकों की सुविधा के लिए देशभर में 88,500 चार्जिंग स्टेशन लगाने की तैयारी जोरों पर है, जिनमें फास्ट चार्जर से लेकर टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर के लिए विशेष चार्जिंग पॉइंट तक शामिल हैं, ताकि बीच रास्ते में किसी भी वाहन चालक को बैटरी खत्म होने की चिंता न सताए।
00
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

