भोपाल 29 मार्च (आरएनएस)।मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में रविवार को कैरियर कॉलेज के सभागार में वृहद विधिक जागरूकता एवं सहायता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आमजन को नि:शुल्क विधिक सहायता, विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया।
शिविर में शासन के विभिन्न विभागों एवं सिविल सोसायटी के समन्वय से आमजन को विधिक सेवाओं एवं शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय विभाग, महिला एवं बाल विकास, महिला आयोग, राजस्व विभाग, पुलिस, स्थानीय निकाय, चिकित्सा विभाग तथा विद्युत विभाग सहित अन्य विभागों के स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से शिविर में उपस्थित लोगों की समस्याओं को सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर ही उनका समाधान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश भावना साधो तथा अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती के पूजन के साथ किया गया। इस अवसर पर सामाजिक न्याय विभाग के कर्मचारियों द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई तथा नशा मुक्ति पर गीत के माध्यम से जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में कैरियर लॉ कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा नि:शुल्क विधिक सेवा की थीम पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथि भावना साधो ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के दुष्प्रभाव से परिवारों में असंतोष और सामाजिक कुरीतियां बढ़ रही हैं। ऐसे में महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों को विधिक जागरूकता के माध्यम से जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर समाज में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मनोहरलाल पाटीदार ने साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तार से जानकारी दी तथा साइबर फ्रॉड और साइबर अरेस्ट जैसी घटनाओं से बचने के उपाय बताए। वहीं जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह ने नि:शुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यदि आमजन को किसी भी विभाग से समस्या का समाधान नहीं मिलता है तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन कर सकते हैं, जहां उनकी समस्या के समाधान के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है।
पुलिस उपायुक्त पुलिस मुख्यालय भोपाल श्रद्धा तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पुलिस को अपराध की सूचना मिलने पर ही प्रभावी कार्रवाई संभव हो पाती है, इसलिए नागरिकों को समाज में होने वाली आपराधिक गतिविधियों की सूचना पुलिस को अवश्य देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि नागरिक गूगल प्ले स्टोर से मोबाइल एप डाउनलोड कर ऑनलाइन माध्यम से भी ई-एफआईआर दर्ज करा सकते हैं तथा पुलिस के टोल-फ्री नंबर का भी उपयोग कर सकते हैं।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश सुनीत अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए शिविर के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डाला तथा कहा कि इस प्रकार के शिविरों के माध्यम से एक ही स्थान पर आमजन की विभिन्न समस्याओं का समाधान संभव हो पाता है।
प्राचार्य कैरियर लॉ कॉलेज अनिल कुमार दीक्षित ने कॉलेज प्रबंधन के सहयोग से छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न बस्तियों में प्रदान की जा रही विधिक सहायता संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मनोहरलाल पाटीदार, षष्टम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनीत अग्रवाल, अपर कलेक्टर पी.सी. शाक्य,न्यायाधीशगण कृष्णकांत बागरे, जयदीप मौर्य, ब्रजेश चंसौरिया, गजल पाह्वा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी- कर्मचारी, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, पैनल लॉयर्स तथा कैरियर लॉ कॉलेज के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

