गांव में तैयार पलाश ब्रांड के उत्पाद ने अब शहर के मॉल में ली इंट्री
शुद्धता और पौष्टिकता की गारंटी के साथ दीदियों के उत्पाद का खुले बाजार में बज रहा डंका
रांची 30 मार्च (आरएनएस)। झारखंड में दीदियों की मेहनत का कमाल अब बाजार को अपनी ओर लुभाने लगा है . गांव में दीदियों के द्वारा तैयार पलाश ब्रांड के उत्पाद ने लंबी छलांग लगाई है . शुद्धता और पौष्टिकता से भरपूर ये उत्पाद अब पलाश मार्ट तक ही सीमित नहीं , बल्कि शहर के बड़े मॉल एवं सुपरमार्केट में ये आसानी से उपलब्ध होंगे . राज्य की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के मार्ग दर्शन में छ्वस्रुक्कस् ने रांची में पायलट परियोजना के तहत इसका शुभारंभ कर दिया है . रांची के सेल सिटी इलाके में पलाश ब्रांड के उत्पाद ने बाजार में धमाकेदार इंट्री ली है . पहले चरण में पलाश ब्रांड के 15 उत्पादों ने मॉल एवं सुपरमार्केट में अपनी जगह बनाई है . बहुत कम समय में ही ये उत्पाद ग्राहकों की पहली पसंद बनते जा रहे है . राज्य में पलाश के साथ जुड़कर करीब 2 लाख 6 हजार से ज्यादा महिलाएं उद्यमिता की दौड़ में शामिल है . छ्वस्रुक्कस् का उद्देश्य गांव की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के साथ – साथ सामाजिक बदलाव में अगुआ की भूमिका सुनिश्चित करना है .
पलाश ब्रांड के 15 उत्पाद शहर के मॉल एवं सुपरमार्केट में उपलब्ध .
छ्वस्रुक्कस् की पहल पर पलाश ब्रांड के 15 उत्पाद को पहले चरण में मॉल एवं सुपरमार्केट में बिक्री के लिए शामिल किया गया है . इन उत्पादों में रागी आटा , मल्टीग्रेन आटा ,
प्लेन आटा , रागी कुकीज़ , मक्का निमकी , रागी लड्डू , बाजरा आटा , जामुन बीज पाउडर , फॉरेस्ट हनी , तिल लड्डू , सन्धना अचार , कटहल अचार , ओल अचार , लहसुन अचार , हरी मिर्च अचार शामिल है . समय के साथ उत्पादों की संख्या में बढ़ोत्तरी की जाएगी . इन उत्पादों की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें गांव के स्वाद का खास ख्याल रखा गया है . मतलब किसी तरह की कोई मिलावट नहीं है . शुद्धता और पौष्टिकता के डबल डोज के तौर पर गांव की दीदियों के द्वारा तैयार उत्पाद को लोग हाथों हाथ खरीद रहे है .
उत्पाद को मॉल तक पहुंचाने के लिए मजबूत सप्लाई चेन सिस्टम .
बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच पलाश ब्रांड की पहचान को स्थापित करना आसान नहीं है . इस सोच को ध्यान में रखते हुए गांव के उत्पाद को शहर तक पहुंचाने के लिए छ्वस्रुक्कस् ने मजबूत सप्लाई चेन तैयार किया है .
पहले गाँवों में दीदियों द्वारा बनाए गए उत्पाद को पलाश मार्ट तक पहुंचाया जाता है . फिर वहाँ से शहर के मॉल एवं सुपरमार्केट तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है . इस पूरी प्रक्रिया में रिटेल आउटलेट्स और उत्पादकों के बीच औपचारिक समझौते (एमओयू) भी किए गए हैं, जिससे उत्पाद की आपूर्ति और भुगतान दोनों सुनिश्चित हो सके . वैसे तो राज्य के लगभग सभी जिलों में पलाश ब्रांड के उत्पाद को महिला स्वयं सहायता समूहों के द्वारा तैयार किया जा रहा है , लेकिन रांची , गोड्डा , खूंटी , गुमला , सिमडेगा , चाईबासा , जमशेदपुर , गिरिडीह और बोकारो जैसे जिलों की भूमिका महत्वपूर्ण है . गांव की दीदी स्थानीय संसाधन और पारंपरिक कौशल का उपयोग कर विभिन्न खाद्य उत्पादों को तैयार करने के साथ बेहतर पैकेजिंग भी कर रहीं है .
देश के स्थापित सुपरमार्केट के साथ जुडऩे की योजना
पलाश ब्रांड के उत्पाद को झारखंड के बड़े मॉल एवं सुपरमार्केट तक पहुंचाने को लेकर छ्वस्रुक्कस् ने वृहद कार्य योजना तैयार किया है . सप्लाई चेन की मजबूती और उत्पादों के स्टॉक की बेहतर व्यवस्था के बाद पलाश ब्रांड के उत्पाद ग्राहकों के लिए पहले के मुकाबले और आसानी से उपलब्ध होंगे . छ्वस्रुक्कस् और अपना मार्ट के बीच सकारात्मक चर्चा हुई है . अगर सबकुछ ठीक ठाक रहा तो राज्य के सभी अपना मार्ट में पलाश ब्रांड के उत्पाद मौजूद होंगे . इतना ही नहीं कुछ और ऐसे ही स्थापित सुपरमार्केट के साथ जुड़कर पलाश ब्रांड का बाजार में डंका बजाने की योजना है . इसी कड़ी में पलाश मार्ट की दीदी और उर्वी स्टोर के बीच औपचारिक रूप से एमओयू करने में छ्वस्रुक्कस् ने सफलता हासिल की है .
झारखंडी स्वाद मतलब पलाश के उत्पाद : दीपिका पांडेय सिंह
गांव से बाजार तक का ये सफर इतना आसान नहीं था , लेकिन कहते है ना कि जब महिला कुछ करने का ठान लेती है तो कुछ भी नामुमकिन नहीं रह जाता है . छ्वस्रुक्कस् से जुड़ी लाखों दीदियों का सपना आज उड़ान भरने को तैयार है . एक सपना जो उनके रोजगार के साथ , उनके स्वतंत्र पहचान से जुड़ा है . अब छोटे – छोटे समूह में चावल – दाल – पापड़ से लेकर अचार तक से दो पैसे का रोजगार करने वाली झारखंड की दीदियों के सामने खुला बाजार है . झारखंड के स्वाद को छ्वस्रुक्कस् ने पलाश ब्रांड के तौर पर एक पहचान दिलाने में सफलता पाई है . आज लोग खुद को स्वस्थ रखने के लिए शुद्धता और पौष्टिकता से समझौता करने को तैयार नहीं है . पलाश ब्रांड का हर एक उत्पाद ग्राहकों की उम्मीद और भरोसे पर शत प्रतिशत खरा उतरेगा –
(रांची)कांके सबडिवीजन में विद्युतकर्मी की दुर्घटना पर श्रमिक संघ का आक्रोश, उच्चस्तरीय जांच व समुचित इलाज की मांग
रांची 30 मार्च (आरएनएस)। झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने कांके सबडिवीजन में कार्यरत विद्युतकर्मी मो. शमी आलम के साथ हुई गंभीर दुर्घटना पर गहरी चिंता एवं आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि कल कार्य के दौरान हुई इस दुर्घटना के बाद मो. शमी आलम की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है और वर्तमान में उनका इलाज राँची स्थित देवकमल हॉस्पिटल में चल रहा है, जहां वे जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। अजय राय ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होने के साथ-साथ विभागीय लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है। हाल के दिनों में इस प्रकार की लगातार हो रही घटनाएं यह दर्शाती हैं कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की जा रही है, जिससे विद्युतकर्मियों का जीवन खतरे में पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि मो. शमी आलम जेएमडी एजेंसी के माध्यम से आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत थे, ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह घटना केवल लापरवाही का परिणाम है या इसके पीछे कोई अन्य गंभीर कारण है। श्रमिक संघ ने महाप्रबंधक (तकनीकी), विद्युत आपूर्ति क्षेत्र, राँची को ज्ञापन सौंपते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं—
दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच समिति का अविलंब गठन किया जाए।
दोषी पदाधिकारियों एवं संबंधित एजेंसी पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
घायल कर्मी के समुचित एवं नि:शुल्क इलाज की पूरी व्यवस्था की जाए।ड्ढपीडि़त परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता एवं उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सख्त सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।ठ्ठअजय राय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस गंभीर मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की जाती है, तो झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी।
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