सिरसा 31 मार्च (आरएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल मोटिवेशन अवॉर्ड 2026 समारोह में शिक्षाविद् डॉ. अनिल धानुका को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान हेतु शिक्षा रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।यह भव्य समारोह देशभर से आए फिल्म, संगीत, नृत्य, लेखन एवं अन्य कला क्षेत्रों से जुड़े कलाकारों, सह-कलाकारों एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जहाँ अनेक प्रतिभाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।अपने संबोधन में डॉ. धानुका ने भारत सरकार की नई शिक्षा नीति पर प्रकाश डालते हुए रोजगारयोग्यता के साथ शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कलाकारों को उच्च शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा से जोडऩे पर विशेष बल दिया, ताकि वे अपने क्षेत्र में और अधिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर बन सकें।उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ऑनलाइन एवं डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से देश के ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों के हजारों छात्रों को उच्च शिक्षा से जोड़ा जा सकता है, और कलाकारों को भी इस दिशा में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर डॉ. अनिल धानुका एवं संगीत विशेषज्ञ देबोजीत लाहिरी ने डॉ. संजय जोहरी की पुस्तकों दि इनविजिबल कन्फ्लिक्ट्स एवं किन्नर मां का विमोचन किया।साथ ही डॉ. धानुका ने डॉ. आलोक कुमार भार्गव की पुस्तक त्रयीवाणी का भी विमोचन किया तथा अतिथियों को अपनी हस्ताक्षरित पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।इसके अतिरिक्त नेपाल की प्रसिद्ध लोक कवियित्री नीलिमा मास्के श्रेष्ठ की नेपाली काव्य रचना रंग जीवन को का भी विमोचन किया गया।यह सम्मान न केवल डॉ. अनिल धानुका के शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाता है, बल्कि समाज में शिक्षा के महत्व को भी उजागर करता है।
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