रायपुर,11 अप्रैल (आरएनएस)। राजधानी रायपुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय बैंक ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो खुद को एम्स का डॉक्टर बताकर लोगों और बैंक अधिकारियों को ठगने की साजिश रच रहा था।गिरफ्तार आरोपी की पहचान ओडिशा के कटक निवासी 32 वर्षीय श्रीधर राउत के रूप में हुई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पिछले करीब सात महीनों से रायपुर के अविनाश आशियाना कॉलोनी में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था और बड़े स्तर पर ठगी की तैयारी कर रहा था।आरोपी खुद को एम्स का डॉक्टर बताकर बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन लेने की योजना बना रहा था। उसकी योजना में जमीन खरीदने और लग्जरी गाडिय़ों के लिए फाइनेंस लेना शामिल था, जिसके बाद वह रकम लेकर फरार होने की फिराक में था।जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी कई ठगी के मामलों में शामिल रहा है। वह मेडिकल छात्रों को वीजा दिलाने का झांसा देकर उनके पासपोर्ट हड़पने जैसे अपराधों में भी लिप्त रहा है। पहचान छिपाने के लिए वह अलग-अलग नामों—आदित्य मिश्रा, आदित्य अग्निहोत्री और डॉ. सिद्धार्थ—का इस्तेमाल करता था।पुलिस ने आरोपी के पास से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं, जिनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, फर्जी सिम, अलग-अलग नामों से बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड, नकली पासपोर्ट, शैक्षणि प्रमाण पत्र और विभिन्न संस्थानों के फर्जी आईडी कार्ड शामिल हैं।खास बात यह रही कि पुलिस ने किसी शिकायत का इंतजार किए बिना सक्रियता दिखाते हुए इस गिरोह की साजिश को पहले ही नाकाम कर दिया, जिससे करोड़ों रुपये की संभावित ठगी टल गई।पुलिस ने आम नागरिकों और बैंकिंग संस्थानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी व्यक्ति की पहचान बिना सत्यापन के स्वीकार न करने और वित्तीय लेनदेन से पहले पूरी जांच करने की अपील की गई है। साथ ही किरायेदार और कर्मचारियों का वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराने की भी बात कही गई है।फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
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