जमाकर हंगामा, हाथापाई के साथ ही चली पुलिस की लाठी
कोलकाता 31 मार्च (आरएनएस)। सियासी उफान से उफन रहे महानगर कोलकाता में स्थित चुनाव आयोग ऑफिस के बाहर आज जमकर हंगमा हुआ और
भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। पुलिस के अनुसार, तृणमूल समर्थक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का एक ग्रुप वोटर लिस्ट में हेरफेर व फॉर्म-6 के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहा था। इस दौरान उन्होंने कतिथ तौर पर सुरक्षाबलों पर पथराव किया। इससे वहां खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। बाद में भाजपा के कार्यकर्ता भी वहां झंडा लेकर पहुंच गए। इसके बाद हालात महाभारत के कुरुक्षेत्र सा हो गया। इस दौरान तृणमूल प्रदर्शनकारियों की पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं से झड़प हो गई। आरोप है कि पुलिस ने इस दौरान लाठी भांजी और इससे कईयों को चोट लगने की खबर है। वैसे पुलिस ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल का प्रयोग किया गया। इससे एक दिन पहले ही अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया था कि फॉर्म-6 भरकर बिहार और उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में जोड़ा जा रहा है। इसी आरोप को लेकर मंगलवार सुबह से ही तृणमूल समर्थक बीएलओ कार्यालय के बाहर विरोध में उतर आए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बैग में भरकर बड़ी संख्या में फॉर्म-6 लाए जा रहे हैं, जिसके जरिए मतदाता सूची में हेरफेर किया जा रहा है। पुलिस ने जब प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान तृणमूल समर्थकों ने भाजपा पर भी हमला करने का आरोप लगाया। पूरे घटनाक्रम के चलते सीईओ कार्यालय परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इधर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी बिहार, उत्तर प्रदेश के अवैध वोटरों को बंगाल के वोटर लिस्ट में शामिल करने की कोशिश कर रही है। ममता ने ङ्ग पर एक पोस्ट में कहा- भाजपा के एजेंटों को बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस में हजारों फर्जी फॉर्म 6 आवेदन जमा करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। यह वोटर हाइजैकिंग की कोशिश है। बहरहाल फॉर्म 6 क्या है? तो बता दे कि, इसका इस्तेमाल वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करवाने के लिए किया जाता है। इस फॉर्म का इस्तेमाल मुख्य रूप से दो तरह के आवेदक करते हैं। पहले, वे लोग जो पहली बार वोटर बनने के लिए आवेदन कर रहे हैं और दूसरे, वे लोग जो अपना घर एक संसदीय या विधानसभा क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में बदल रहे हैं। वोटर के तौर पर रजिस्टर होने के लिए, इस फॉर्म को भरना और जमा करना। साथ ही उम्र और पते के सबूत के तौर पर जरूरी दस्तावेज देना।
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