लखनऊ 1 अप्रैल (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विदेशी फंडिंग से जुड़े प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन 2026 को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एनजीओ की विदेशी फंडिंग को नियमित करने के नाम पर लाए जा रहे इस संशोधन से पहले भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि विदेशों से पीएम केयर फंड में आया पैसा लौटाया जाएगा या नहीं।अखिलेश यादव ने कहा कि इलेक्टोरल बॉण्ड के माध्यम से प्राप्त धन को लेकर भी भाजपा को जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इलेक्टोरल बॉण्ड को अवैध घोषित किया जा चुका है, तो उससे प्राप्त धन को वैध कैसे माना जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना पंजीकरण वाले तथाकथित संगठनों के खातों में आने वाले धन की भी जांच होनी चाहिए और उनसे जुड़े पदाधिकारियों के खातों एवं संपत्तियों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति अत्यधिक नियंत्रणवादी सोच पर आधारित है, जिसके तहत एनजीओ पर अनावश्यक नियंत्रण स्थापित कर उन्हें प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि इस प्रकार के कदमों से स्वतंत्र रूप से कार्य करने वाले गैर सरकारी संगठनों के कार्य प्रभावित हो सकते हैं।अखिलेश यादव ने कहा कि कई गैर सरकारी संस्थाएं जनता के हित में बेहतर कार्य कर रही हैं और सरकार को उनके कार्यों में बाधा डालने के बजाय सहयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि विदेशों से वैध रूप से आने वाले धन पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, जबकि अवैध रूप से विदेश भेजे जा रहे धन के मामलों में कठोर कार्रवाई कब की जाएगी।उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों और विधेयकों की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं और जनता समय आने पर इसका जवाब देगी।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

