नई दिल्ली,01 अपै्रल (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अहमदाबाद में पिछले जून में हुए एयर इंडिया क्रैश की शुरुआती जांच रिपोर्ट के बारे में एक याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया, और याचिकाकर्ता से सीधे पूछा आपका डीप एजेंडा क्या है?
यह मामला सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच के सामने सुनवाई के लिए आया. बेंच ने याचिकाकर्ता की इस बात को मानने से मना कर दिया कि अधिकारियों को उसकी अर्जी को प्रतिनिधित्व मानने का निर्देश दिया जाए.
बेंच दिल्ली हाई कोर्ट के 25 फरवरी के आदेश को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी. हाई कोर्ट ने उस पीआईएल को खारिज कर दिया था जिसमें मांग की गई थी कि शुरुआती जांच रिपोर्ट में क्रैश की वजह बने पूरे घटनाक्रम की जानकारी शामिल की जाए.
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा, आपका गहरा एजेंडा क्या है? जैसे हमें मकसद समझ नहीं आ रहा. जिन लोगों की जान गई, उनके परिवार वाले (याचिका) फाइल नहीं कर रहे हैं, लेकिन आप फाइल कर रहे हैं.
पिछले साल 12 जून को, एयर इंडिया की फ्लाइट एआई 171, जो लंदन गैटविक जा रही थी, अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेकऑफ करने के तुरंत बाद एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल कॉम्प्लेक्स में क्रैश हो गई थी.
विमान में आग लग गई, जिससे उसमें सवार 242 लोगों में से 241 और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई थी.
याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट से अनुरोध किया था कि वह विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की शुरुआती जांच रिपोर्ट को पढ़कर देखे और अथॉरिटीज को रिपोर्ट में बदलाव करने का निर्देश दे, ताकि इंजन के फ्लेम आउट होने और फ्यूल स्विच, चाहे मैकेनिकल हो या मैनुअल, के ट्रांजिशन का टाइम-चार्ट भी शामिल किया जा सके.
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