0जो राष्ट्र अपनी विरासत से जुड़े रहते हैं और उससे शक्ति और प्रेरणा प्राप्त करते हैं, वे दृढ़ विश्वास से भविष्य की ओर कदम बढ़ाते हैं: लोक सभा अध्यक्ष
नईदिल्ली,01 अपै्रल (आरएनएस)। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज देश के अतीत और उसके भविष्य के अंतर्निहित संबंध पर बल देते हुए ये विचार व्यक्त किए कि किसी राष्ट्र की शक्ति और उसके विकास की दिशा उसकी ऐतिहासिक चेतना से प्रभावित होती है। भारत की सभ्यतागत यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सदियों से अनेक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, देश ने निरंतर दृढ़ता, साहस और प्रगति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का परिचय दिया है।
बिरला ने यह विचार प्रिंसेस चैंबर, संविधान सदन, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और राज्य सभा के माननीय सभापति सी. पी. राधाकृष्णन के साथ संयुक्त रूप से संसद सदस्य, श्रीमती सुधा मूर्ति द्वारा लिखित कॉफी टेबल बुक टाइड्स ऑफ टाइम: भारतस हिस्ट्री थ्रू म्यूरल्स इन पार्लियामेंट का विमोचन करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री, संसद सदस्य, पूर्व सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
बिरला ने कहा कि यह पुस्तक संसद के भित्तिचित्रों में उकेरे गए समृद्ध इतिहास, संस्कृति और सभ्यतागत विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त और प्रभावी माध्यम है। उन्होंने इस बात का उल्लेख भी किया कि ऐतिहासिक संविधान सदन की दीवारों पर लगे चित्र भारत की प्राचीन विरासत, समृद्ध संस्कृति और स्वतंत्रता के ऐतिहासिक संघर्ष को समाहित करते हुए भारत की गौरवगाथा को सजीव रूप में प्रस्तुत करते हैं । उन्होंने आगे कहा कि यह कृति संसद की कलात्मक धरोहर, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामूहिक राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करती है। इन आख्यानों को एक सम्मोहक और आकर्षक रूप में प्रस्तुत करने वाली यह पुस्तक अतीत और वर्तमान के बीच एक ऐसा सेतु है, जो भावी पीढिय़ों को सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देगी।
बिरला ने श्रीमती सुधा मूर्ति की सहज अभिव्यक्ति और उनकी गहन अंतर्दृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि वह अपनी स्पष्ट और संवेदनशील लेखन शैली से जटिल ऐतिहासिक विषयों को पाठकों, विशेष रूप से युवाओं के लिए सहज बना देती हैं । उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक युवा पीढिय़ों को भारत की जड़ों, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय पहचान से पुन: जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे उनमें गौरव और अपनेपन की भावना बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो देश अपनी विरासत से जुड़े रहते हैं, उससे शक्ति और प्रेरणा प्राप्त करते हैं, वे दृढ़ विश्वास से भविष्य की ओर कदम बढ़ाने में सक्षम होते हैं। बिरला ने कहा कि यह पुस्तक देश के सांस्कृतिक और बौद्धिक आधार को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
अपने संबोधन में, श्रीमती सुधा मूर्ति ने इस पुस्तक के प्रकाशन में सहयोग के लिए लोक सभा अध्यक्ष, ओम बिरला, लोक सभा के महासचिव, उत्पल कुमार सिंह और लोक सभा सचिवालय के प्रति आभार व्यक्त किया। अपनी इस कृति की प्रेरणा को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के साथ संवाद करके उन्हें पता चला कि भारत के इतिहास और विरासत के बारे में जागरूकता की कमी है जो चिंताजनक है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इतिहास केवल तारीखों या छिटपुट घटनाओं का संग्रह मात्र नहीं है, बल्कि निरंतर चलने वाला एक जीवंत क्रम है जो हमारी पहचान, मूल्यों और दुनिया को देखने के नजरिए को प्रभावित करता है।
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