रायपुर, 01 अप्रैल (आरएनएस)। राजधानी रायपुर के आरंग विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मंदिरहसौद तहसील में अवैध खनन के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की विशेष टीम ने नरदहा, धनसुली और खपरी गांवों में छापेमार कार्रवाई करते हुए चार क्रशर प्लांटों को सील कर दिया।यह कार्रवाई सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव और खनिज निरीक्षक स्तुति निगम के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। टीम ने चूना पत्थर (लाइमस्टोन) खदानों का औचक निरीक्षण किया। अचानक विभागीय वाहनों के पहुंचते ही खदानों और क्रशर यूनिट्स में अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखा गया था।जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। खदान संचालकों द्वारा तय सीमा से अधिक गहराई तक खुदाई की जा रही थी और बिना अनुमति खदानों का विस्तार किया गया था। इसके साथ ही धूल और प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय भी नहीं किए जा रहे थे।कार्रवाई के दौरान जिन क्रशर प्लांटों को सील किया गया, उनमें श्रीचंद प्रीतवानी, शैलेंद्र चौरसिया, महादेव माइनिंग (संचालक महेश प्रीतवानी) और निमेश कुमार चेलक की यूनिट शामिल हैं। विभाग ने साक्ष्यों के आधार पर इन इकाइयों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है।इसके अलावा क्षेत्र के अन्य खदान संचालकों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में खनन माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है। वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन से सड़कों की स्थिति खराब हो रही थी और धूल प्रदूषण के कारण खेती व स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा था।खनिज विभाग ने साफ किया है कि खनन कार्य केवल निर्धारित नियमों और पर्यावरण मानकों के अनुसार ही किया जाना चाहिए, अन्यथा जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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