नईदिल्ली,02 अपै्रल (आरएनएस)। ब्रिटेन ने होर्मुज जलडमरूध्य को खुलवाने के लिए शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने का ऐलान किया है। भारत को भी इस बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत के विदेश सचिव बैठक में हिस्सा लेंगे। दरअसल, भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा होर्मुज से गुजरता है। ऐसे में होर्मुज के बंद होने का असर भारत पर भी पड़ रहा है।
बीते दिन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा था कि उनका देश ईरान युद्ध में शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा था, मुझ पर और दूसरों पर चाहे कितना दबाव, कितना शोर हो, मैं अपने सभी निर्णयों में ब्रिटिश राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर काम करूंगा। इसीलिए मैंने यह स्पष्ट किया है कि यह हमारा युद्ध नहीं है और हम इसमें घसीटे नहीं जाएंगे। मैं ब्रिटिश प्रधानमंत्री हूं और मुझे अपने देश के हितों के लिए काम करना है।
ब्रिटेन ने होर्मुज खुलवाने के लिए 35 देशों की बैठक बुलाई है। ब्रिटिश विदेश सचिव यवेट कूपर इसकी अध्यक्षता करेंगी। फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा, भारत और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश इसमें शामिल होंगे। हालांकि, अमेरिका ने बैठक से दूरी बना ली है। अमेरिका ने ये कदम ऐसे वक्त उठाया है, जब ईरान युद्ध में सहयोगी देशों ने उसका साथ देने से इनकार कर दिया है। इसे लेकर डोनाल्ड ट्रंप नाराजगी भी जाहिर कर चुके हैं।
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